रांची- राजधानी रांची में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने रविवार को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. अलका लांबा ने कहा कि देश इस समय एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जहां लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है.
उन्होंने स्पष्ट कहा कि संसद का सत्र भले ही अपने तरीके से चलता रहेगा, लेकिन कांग्रेस का संघर्ष सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा. उनके अनुसार राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे संसद में जनता के सवाल उठाएंगे, जबकि महिला कांग्रेस और संगठन के अन्य मोर्चे मैदान में उतरकर लोगों की आवाज को मजबूत करेंगे.
उन्होंने SIR के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा और कहा कि इस नई व्यवस्था के बहाने आदिवासियों के अधिकारों में कटौती की जा रही है. कई ब्लॉक स्तर के अधिकारी और कर्मचारी भारी दबाव झेल रहे हैं और मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या जैसे मामलों की खबरें सामने आ रही हैं. उन्होंने इसे बेहद चिंताजनक करार दिया.
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चुनाव आयोग पर बोलते हुए अलका लांबा ने आरोप लगाया कि आयोग मूकदर्शक बनकर सब कुछ देख रहा है. उन्होंने कहा कि हरियाणा में 25 लाख फर्जी वोट तैयार कर लिए गए, जबकि बीजेपी के कुछ नेता दिल्ली और बिहार दोनों जगह वोट करते हैं.
बिहार में भी कई जगहों पर वोटरों के नाम काटे जाने की शिकायतें मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि हम चुनाव आयोग को चैन से बैठने नहीं देंगे, यह बीजेपी की मशीन नहीं बल्कि संवैधानिक पद है और इसे अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए.
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर “वोट चोर गद्दी छोड़” का नारा भी लगाया और कहा कि दिल्ली से लेकर पूरे देश में यह आवाज बुलंद की जाएगी. महिलाओं के मुद्दों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जहां-जहां कांग्रेस या इंडिया गठबंधन की सरकारें हैं, वहां महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है.
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इसके उलट दिल्ली में बीजेपी सरकार ने महिलाओं को सहायता देने का वादा किया था, लेकिन आज तक एक भी महिला को कोई लाभ नहीं मिला. उन्होंने झारखंड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मांग की कि राज्य महिला आयोग को फिर से सक्रिय किया जाए और महिला-बाल संरक्षण आयोग से जुड़े सुझावों को भी सरकार के समक्ष रखा जाएगा.
इससे पहले झारखंड महिला कांग्रेस की नई प्रदेश अध्यक्ष रामा खलखो ने औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया. पदभार ग्रहण समारोह के तुरंत बाद दोनों नेताओं ने मीडिया से बातचीत की और केंद्र सरकार, चुनाव आयोग तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर तीखे सवाल खड़े किए.








