डेस्क- देश भर में आज विश्वकर्मा पूजा धूमधाम और भक्तिभाव के साथ मनाई जा रही है. इस अवसर पर, जगह-जगह भगवान विश्वकर्मा की सुंदर प्रतिमाएं स्थापित की गईं और पंडालों को आकर्षक ढंग से सजाया गया. पूजा स्थलों पर दिन भर भजन-कीर्तन का सिलसिला चलता रहा, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.
पूजा की शुरुआत सुबह से ही हो गई, जब कारीगरों, मजदूरों और व्यवसायियों ने अपने औजारों और मशीनों की पूजा की. उनका मानना है कि ऐसा करने से उनके काम में बरकत आती है और वे साल भर सुरक्षित रहते हैं.
फैक्ट्री, वर्कशॉप और गैरेज जैसे स्थानों पर विशेष पूजा का आयोजन किया गया. इन जगहों को रंगीन रोशनी और फूलों से सजाया गया था. लोगों ने भगवान विश्वकर्मा से अपने व्यापार और जीवन में समृद्धि की कामना की. इस दौरान, कई स्थानों पर भंडारे का भी आयोजन किया गया, जहां प्रसाद के रूप में भोजन वितरित किया गया.
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बता दें, भगवान विश्वकर्मा हिंदू धर्म में सृष्टि के पहले शिल्पकार, अभियंता और वास्तुकार हैं, जो निर्माण और वास्तुशिल्प के देवता हैं. वे ब्रह्मा के सातवें पुत्र माने जाते हैं और उन्होंने इंद्र का वज्र, विष्णु का सुदर्शन चक्र और सोने की लंका जैसी अनेक दिव्य रचनाएँ कीं. विश्वकर्मा पूजा शिल्पकारों, अभियंताओं और सभी पेशेवरों द्वारा बाधाओं को दूर करने और काम में सफलता के लिए की जाती है.








