पटना- नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अगुवाई में सोमवार को महागठबंधन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जहां नेताओं ने चुनाव आयोग से मतदाता पुनरीक्षण पर तत्काल रोक की मांग की.
तेजस्वी ने कहा कि निर्वाचन आयोग खुद ही इसको लेकर कन्फ्यूज है. अब मात्र 19 दिन बचे हैं, लिहाजा हम लोग चाहते हैं कि इस काम पर रोक लगे. उन्होंने बताया कि 5 जुलाई को गठबंधन के सभी नेताओं ने निर्वाचन आयोग के पास जाकर अपनी शिकायत और मांग रखी थी.
तेजस्वी ने कहा कि हमारी जो मांग थी, निर्वाचन आयोग को उस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी लेकिन हमें अभी तक जवाब नहीं मिला. उन्होंने बताया कि इंडिया गठबंधन का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में भी निर्वाचन आयोग के पास गया था लेकिन उस शिकायत पर भी आयोग की ओर से कोई पत्रकार वार्ता नहीं की गई.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
आधार कार्ड को मान्यता नहीं दी गई है. इससे स्पष्ट होता है कि जो 11 डॉक्यूमेंट की मांग की गई है, यदि वह नहीं होगा तो उनका नाम निर्वाचन आयोग से हटा दिया जाएगा.
तेजस्वी यादव ने कहा कि निर्वाचन आयोग इस मामले में खुद कन्फ्यूज है. यही कारण है कि अब तक तीन अलग-अलग बातें निर्वाचन आयोग की तरफ से रखी गई है. जिस तरीके से सोशल मीडिया पर लोग अपनी परेशानी बता रहे हैं कि निर्वाचन आयोग के स्पेशल पर इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल को इस बात पर चिंता है.
तेजस्वी ने आगे कहा कि कल निर्वाचन आयोग की तरफ से सभी अखबारों में एक पेज का विज्ञापन दिया गया है. जिसमें यह कहा गया है कि यदि आपके पास कोई भी दस्तावेज नहीं है तो सिर्फ फॉर्म भरकर BLO को जमा कर सकते हैं, जबकि इस विज्ञापन के दूसरे कॉलम में उस दस्तावेज का जिक्र भी किया गया, जो 11 दस्तावेज निर्वाचन आयोग की तरफ से मांगे गए हैं. इससे मतदाता भ्रमित हो रहे हैं.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
तेजस्वी यादव ने कहा कि निर्वाचन आयोग स्पष्ट करें कि उसे कब तक क्या चाहिए. अभी तक निर्वाचन आयोग के द्वारा कोई आधिकारिक सूचना या आदेश जारी नहीं किया गया है. सिर्फ विज्ञापन और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से ही लोगों को आधिकारिक जानकारी मिलेगी. क्या अब सोशल मीडिया ही आधिकारिक प्लेटफॉर्म बन गया है?
तेजस्वी यादव ने कहा कि 11 दस्तावेज को सिर्फ मान्यता दी गई है, जबकि आधार कार्ड, जॉब कार्ड, मनरेगा कार्ड, राशन कार्ड तो सरकार के द्वारा ही जारी किया गया है, जिसमें आधार कार्ड ऐसा दस्तावेज है, जिसमें फिंगरप्रिंट और आंख तक का स्कैन किया जाता है. इसके बावजूद निर्वाचन आयोग के फॉर्म- 6 में अभी भी आधार कार्ड को इंक्लूड किया गया है. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का यह काम उसकी साख पर सवाल खड़ा कर रहे हैं.








