रांची- आज झारखंड विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है. यह हेमंत सोरेन के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट है. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन के पटल पर वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1 लाख 45 हजार 400 करोड़ का बजट रखा.
यह बजट आकार पिछले बजट से 13% ज्यादा है. करीब 1 घंटे के बजट भाषण में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने आगामी वित्तीय वर्ष में राज्य के 7.5% की आर्थिक विकास दर के साथ विकास करने की संभावना जताई.
झारखंड सरकार का अनुमान है कि अगले वित्तीय वर्ष में स्थिर मूल्य पर विकास दर 7.5% रह सकता है. वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि स्थापना व्यय की तुलना में योजना व्यय में लगातार इजाफा हो रहा है. इससे पता चलता है कि विकास कार्यों को प्राथमिकती दी जा रही है. उन्होंने कहा है कि “हमारे पांव जमीन पर मजबूती से टिके हैं और विकास के आसमान को छूने का हौसला भी हम रखते हैं”.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
इस बजट में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना और मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना के आगे सभी विभागों की चमक फीड़ी पड़ गई है. मंईयां सम्मान योजना के तहत 18 से 50 साल तक की लाभुक महिलाओं को प्रति माह 2,500 रु. की सहायता राशि देने के लिए 13,363.36 करोड़ का बजटीय उपबंध किया गया है.
वहीं सर्वजन पेंशन के लिए 3,8050.66 करोड़ का प्रावधान है. इसके तहत हर माह 34 लाख लाभार्थियों को 1,000 रु. दिया जाएगा. लिहाजा सिर्फ दो स्कीम पर एक साल में 17,169.01 करोड़ रु. खर्च होंगे. इतनी राशि किसी भी विभाग को आवंटित नहीं की गई है. महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग पर सबसे ज्यादा 22 हजार 23 करोड़, 33 लाख 85 हजार रु. का उपबंध किया गया है.
इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बजट को संतुलित बताया और कहा कि इसके बावजूद सरकार बिना किसी बोझ के अपने काम को बेहतर तरीके से अंजाम देने में सक्षम है. सरकार ने सोशल सेक्टर में और अधिक काम करने की योजना बनाई है. उन्होंने कहा कि सरकार ने अपना बजट पेश किया है, और आप देख ही रहे हैं कि बजट कितना संतुलित है.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
उन्होंने कहा, हमारे पूंजीगत व्यय में भी काफी वृद्धि हुई है. यह बहुत बड़ी उपलब्धि है. यह सबको जोड़ने वाला बजट है. उन्होंने कहा कि इस बजट में जो लोग छूट गए हैं, उन्हें कैसे जोड़ा जाए, इस पर हम आने वाले समय में काम करेंगे. सीएम ने कहा कि झारखंड पिछड़ा राज्य है, इसके बावजूद वह दिन-प्रतिदिन अपनी वित्तीय व्यवस्था को मजबूत कर रहा है.








