रांची- जामताड़ा में उलेमाओं के एक जलसे में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर की गई टिप्पणी के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस ने उनके बयान का समर्थन किया है. वहीं बीजेपी ने कहा है कि यह टिप्पणी महंगी पड़ेगी.
दरअसल, योगी आदित्यनाथ द्वारा उर्दू भाषा के संदर्भ में उत्तर प्रदेश विधानसभा में कड़ी टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि उर्दू पढ़कर मौलवी बनेगा, कठमुल्लाह बनेगा. सीएम योगी के दिए गए इसी बयान को मुद्दा बनाते हुए इरफ़ान अंसारी ने नसीहत दी है.
जामताड़ा के नारायणपुर में 20 फरवरी को आयोजित उलेमाओं के जलसे को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा था कि योगी कहते हैं कि उर्दू पढ़कर मौलवी बनेगा, कठमुल्लाह बनेगा. उन्होंने यूपी के सीएम को दायरे में रहने की चेतावनी दी. उन्होंने संभलकर, तौलकर अनाप-शनाप नहीं बोलने की हिदायत दी.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि उर्दू किसी जाति की भाषा नहीं है. यह समाज को जोड़ती है. नेताओं की पहली पसंद उर्दू है. कोई ऐसा देश नहीं जहां उर्दू नहीं बोली जाती है. डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि हमें गाली दे दो पर उर्दू का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा.
डॉ इरफान अंसारी के बयान को सही बताते हुए झारखंड कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा के नेताओं में हिम्मत है तो योगी आदित्यनाथ को नसीहत देनी चाहिए. यह देश भाषा, संस्कृति और मर्यादाओं का देश है. अगर कोई भी यहां के किसी भी भाषा के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करेगा तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी.
झारखंड भाजपा के प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह ने कहा कि पूरे देश में सनातनी धर्मावलंबियों की पहली पसंद योगी आदित्यनाथ हैं. ऐसे में राज्य के एक मंत्री द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को लेकर की गई टिप्पणी डॉ इरफान अंसारी को महंगा पड़ेगा.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)








