खूंटी- संत मिखाइल महागिरजाघर के फादर सह आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्रिंसिपल फादर बेनेडिक्ट बारला पर 20 अक्तूबर की रात हुए जानलेवा हमले के विरोध में बुधवार को खूंटी की सड़कों पर भारी जनआक्रोश फूट पड़ा.
घटना से गुस्साए मसीही और आदिवासी समाज के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और शहर के भगत सिंह चौक व बाजारटांड़ के पास करीब साढ़े छह घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह जाम रखा.
विरोध के चलते बाजार की दुकानें बंद रहीं और खूंटी-सिमडेगा, चाईबासा व तमाड़ मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. हालांकि आंदोलनकारियों ने एंबुलेंस और दुर्गा पूजा प्रतिमा विसर्जन के वाहनों को बिना रोक-टोक आगे जाने दिया.
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दोपहर में कल्याण पदाधिकारी प्रमोद राम, एएसपी ख्रिस्टोफर केरकेट्टा और एसडीएम मौके पर पहुंचे, लेकिन आंदोलनकारी जिले के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे. आखिरकार शाम साढ़े चार बजे डीसी मो. जावेद हुसैन और एसपी ऋषभ गर्ग सीधे भगत सिंह चौक पहुंचे.
प्रदर्शनकारियों ने दोनों अधिकारियों को मांग पत्र सौंपते हुए मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने, सीसीटीवी व तकनीकी साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच कराने, पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने और हमलावरों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की.
आंदोलनकारी नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा “हम जिला प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दे रहे हैं. अगर तय समय में अपराधियों को नहीं पकड़ा गया, तो समाज दोबारा उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा.”
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