डेस्क- SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नई दिल्ली में जारी छात्र-युवा आंदोलनों को कुचलने के लिए तैनात किए गए भारी पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर करारा हमला बोला है।
TMC के ममता बनर्जी गुट के प्रवक्ता व विधायक कुणाल घोष ने दिल्ली में सुरक्षा बलों की अत्यधिक तैनाती पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार ने यही चुस्ती और पर्याप्त सुरक्षा बल पिछले तीन सालों से जातीय हिंसा से जूझ रहे राज्य मणिपुर में सही समय पर भेजे होते, तो वहां का संकट काफी पहले सुलझ गया होता।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि ‘INDIA’ ब्लॉक और उनके सहयोगी संगठन युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल देश में अराजकता फैलाने और बांग्लादेश की तर्ज पर “तख्तापलट और सरकार बदलने” के लिए कर रहे हैं।
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राजनाथ सिंह के इस बयान पर तीखा पलटवार करते हुए TMC विधायक कुणाल घोष ने कहा, “हम अराजकता का समर्थन नहीं करते। लेकिन जब नई पीढ़ी किसी राष्ट्रीय मुद्दे पर सवाल उठाती है, तो सरकार की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह उन्हें समझाए न कि पुलिस बल के दम पर उनकी आवाज दबाए।”
उन्होंने कहा, “आपके पास इतनी भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल उपलब्ध हैं। आप उन्हें युवाओं के खिलाफ दिल्ली में क्यों तैनात कर रहे हैं? आपको यह बल सही समय पर मणिपुर भेजना चाहिए था, जिससे वहां हिंसा रुक जाती और समस्या का समाधान हो जाता।”
दरअसल, कुणाल घोष का यह बयान मणिपुर में मई 2023 से शुरू हुए मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जारी जातीय संघर्ष की पृष्ठभूमि में आया है।
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आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, मणिपुर हिंसा में अब तक 306 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, चालू वर्ष 2026 में कुकी और नागा जनजातियों के बीच हुए ताजा घर्षण में भी कई जानें गई हैं।








