पटना- राजधानी पटना में दानापुर मंडल से गुजरने वाली राजेंद्र नगर तेजस राजधानी सहित सभी प्रीमियम ट्रेनों में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता अब और बेहतर होगी.
क्योंकि इन ट्रेनों में दिये जाने वाले खाने और नाश्ते पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) कैमरे की नजर रहेगी. इसके लिए पटना परिक्षेत्र ने तैयारी भी शुरू कर दी है.
दरअसल, हाल के दिनों में पटना जंक्शन सहित पूर्व मध्य रेलवे के विभिन्न स्टेशनों से गुजरने वाली ट्रेनों में खान-पान को लेकर लगातार यात्री शिकायत कर रहे थे, जिसे रेलवे अधिकारियों ने गंभीरता से लिया.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
इसके बाद आइआरसीटीसी के पटना परिक्षेत्र से जुड़े बेस किचन में दो-दो एआइ आधारित एचडी कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया है, ताकि इनकी मदद से खान-पान की गुणवत्ता पर नजर रखी जा सके.
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक पटना में बने आइआरसीटीसी के बेस किचन को हाइटेक करने की कवायद शुरू होने जा रही है. इसमें लगने वाले एआइ कैमरे दिल्ली स्थित आइआरसीटीसी मुख्यालय में बने वार रूम से जुड़े हैं. इसके अलावा अन्य प्रमुख प्रीमियम ट्रेनों की पेंट्रीकार में भी कैमरा लगाने की स्वीकृति रेलवे बोर्ड ने दी है.
फिलहाल, तेजस राजधानी, पटना-सीएसटी, अमृत भारत सहित चार प्रीमियर ट्रेनों में यह व्यवस्था शुरू भी होने जा रही है. इसके अलावा पटना व दानापुर व पाटलिपुत्र जंक्शन से होकर गुजरने वाली लंबी दूरी की अन्य ट्रेनों में भी कैमरों से निगरानी की तैयारी की जा रही है.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
वहीं तेजस, दुरंतों, डिब्रूगढ़-राजधानी और वंदे भारत एक्सप्रेस पर खास नजर है, जिनमें टिकट के साथ ही खाने की बुकिंग भी हो जाती है. आइआरसीटीसी के बेस किचन से ट्रेनों में आपूर्ति किये जाने वाले भोजन के पैकेट पर क्यूआर कोड भी लगाया जाने लगा है.
यहां तक कि सभी खाद्य सामग्रियों पर यह कोड लगाना भी अनिवार्य कर दिया गया है. इसे स्कैन कर यात्री यह जान सकता है कि इसे किस बेस किचन से तैयार किया गया है.
स्कैन के बाद किस तरह की सामग्री का प्रयोग किया गया है, इसकी भी जानकारी मिलेगी. साथ ही यदि भोजन को लेकर कोई शिकायत है, तो यात्री क्यूआर कोड से जानकारी लेकर उस बेस किचन की सीधे शिकायत दर्ज करा सकते हैं.








