पटना- रालोमो के प्रदेश महासचिव सह प्रवक्ता रामपुकार सिन्हा को अनुशासनहीनता के आरोप में 6 साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया गया है।
दरअसल, कुछ दिन पहले एमएलसी चुनाव में सारण शिक्षक सीट से रामपुकार सिन्हा ने निर्दलीय नामांकन कर दिया था। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से NDA के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने पर पार्टी ने उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है।
रालोमो के विधायक आलोक सिंह(प्रदेश अध्यक्ष),आनंद माधव और रामेश्वर महतो के सहयोग से वे चुनाव लड़ रहे हैं। राम पुकार सिन्हा ने निर्दलीय उम्मीदवार के रुप में नामांकन दाखिल किया है।
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रामपुकार सिन्हा सारण विधान परिषद शिक्षक सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। एनडीए से जदयू के उम्मीदवार आनंद पुष्कर मैदान में हैं। उपेंद्र कुशवाहा ने पहले ही एनडीए कैंडिडेट को समर्थन देने का ऐलान कर दिया था। उसके बाद राम पुकार सिन्हा ने पार्टी सुप्रीमो के खिलाफ जाकर नामांकन दाखिल कर दिया।
दरअसल, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के चार विधायक हैं। उनकी पत्नी स्नेहलता कुशवाहा के अलावे आलोक सिंह, रामेश्वर महतो और आनंद माधव ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जीत दर्ज की थी।
कुशवाहा की पार्टी को एनडीए में गठबंधन के तहत छह सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका दिया गया। इनमें सो दो सीटों पर हार हो गई। इनमें से तीन विधायक केंद्रीय नेतृत्व के खिलाफ चल रहे हैं।
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