रांची- जिले में सरकारी राशन का लाभ लेने में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। छह लाख रुपये से अधिक सालाना आय वाले 6556 परिवार जन वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले राशन का लाभ लेते पाए गए हैं।
आय के आंकड़ों के सत्यापन में इन परिवारों के सदस्यों की सालाना आय निर्धारित सीमा (सालाना छह लाख) से अधिक है। इसके बावजूद ये परिवार वर्ष 2015 से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मिलने वाले खाद्यान्न का लाभ उठाते रहे। अब जिला आपूर्ति विभाग ने ऐसे राशन कार्डधारियों पर शिकंजा कसते हुए राशन में मिली सरकारी सहायता की राशि वसूलने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिला आपूर्ति शाखा की ओर से जारी नोटिस में संबंधित परिवारों को 15 दिनों के भीतर जुर्माने की राशि जमा करने और अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं करने या संतोषजनक जवाब नहीं देने पर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की चेतावनी दी गयी है।
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विभाग के अनुसार, अपात्र होने के बावजूद संबंधित परिवारों ने वर्ष 2015 से एनएफएसए-पीएमजीकेवाई के तहत मिलने वाले खाद्यान्न का लाभ लिया।
नोटिस में कहा गया है कि गलत सूचना देकर या पात्रता नहीं होने के बावजूद सरकारी राशन का लाभ लेना झारखंड लक्षित जन वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश-2024 की धारा-7 के प्रावधानों के विपरीत है।
नोटिस में साफ किया गया है कि निर्धारित 15 दिनों में राशि जमा नहीं करने अथवा अपना पक्ष नहीं रखने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब तक उठाए गए राशन की वसूली बाजार दर पर की जाएगी। वसूली पर 12 प्रतिशत सालाना ब्याज भी लगाया जा सकता है।
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