रांची- आज सावन की पहली सोमवारी है. लिहाजा देश भर के शिव मंदिरों में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा. इसी कड़ी में रांची के पहाड़ी मंदिर में सुबह 3:30 बजे से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. “बोल बम”, “हर-हर महादेव” और “जय बाबा भोले” के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर और आसपास का इलाका भक्तिमय हो उठा.
मंदिर प्रशासन ने सुबह 4 बजे से दर्शन और जलार्पण की व्यवस्था शुरू कर दी थी. इसके बाद दिनभर भक्तों की लंबी कतारें लग रही है, महिलाएं, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग सभी भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए उत्साह के साथ पहुंचे और भगवान शिव की पूजा-अर्चना की.
इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन, पहाड़ी मंदिर विकास समिति, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों, आदिवासी समाज तथा पहन समाज के लोगों ने मिलकर व्यापक व्यवस्था की थी. मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग बनाए गए थे, जिससे भीड़ का दबाव एक स्थान पर न बने.
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महिलाओं और पुरुषों के लिए भी अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई थी. मुख्य गर्भगृह में जलार्पण के दौरान पहले महिलाओं को प्रवेश दिया जा रहा था, उसके बाद पुरुष श्रद्धालुओं को दर्शन और जलाभिषेक का अवसर मिल रहा था. इससे व्यवस्था काफी अनुशासित और सुचारू बनी रही.
श्रद्धालु शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से कतारबद्ध होकर मंदिर की सीढ़ियां चढ़ते नजर आए. स्वयंसेवक लगातार श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करते रहे, जबकि प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे.
पहाड़ी मंदिर के अलावा राजधानी के महाकाल मंदिर सहित अन्य प्रमुख शिवालयों में भी सावन की पहली सोमवारी को विशेष पूजा-अर्चना की गई. कई मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अर्घा सिस्टम के माध्यम से जलार्पण की व्यवस्था की गई, ताकि अधिक संख्या में आने वाले भक्त आसानी से भगवान शिव का अभिषेक कर सकें.
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