पटना- प्रशांत किशोर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. बीजेपी सांसद डॉक्टर संजय जायसवाल के द्वारा दायर मानहानि के एक मामले में बेतिया की अदालत ने प्रशांत किशोर को सार्वजनिक नोटिस जारी किया है. अदालत ने 28 जुलाई 2026 को हर हाल में उपस्थित होने का निर्देश दिया है.
बताया गया है कि यदि प्रशांत किशोर या उनके अधिवक्ता निर्धारित तिथि पर पेश नहीं होते हैं, तो मामले की सुनवाई एकपक्षीय रूप से आगे बढ़ाई जा सकती है.
अदालत द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, पहले विशेष दूत और निबंधित डाक के माध्यम से समन भेजा गया था, लेकिन प्रतिवादी की ओर से कोई जवाब या उपस्थिति दर्ज नहीं कराई गई. इसके बाद अदालत ने समाचार पत्र में प्रकाशन के माध्यम से सार्वजनिक नोटिस जारी किया है.
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यह मामला पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित सब जज प्रथम की अदालत में लंबित डैमेज सूट संख्या-2/2025 से जुड़ा है. यह वाद भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल की ओर से प्रशांत किशोर के खिलाफ दायर किया गया है.
परिवाद में सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने आरोप लगाया है कि प्रशांत किशोर ने सार्वजनिक सभाओं, प्रेस वार्ताओं और अन्य मंचों से उनके खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए.
सांसद का कहना है कि ये सभी आरोप पूरी तरह झूठे, निराधार और उनकी सामाजिक तथा राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले हैं. इसी आधार पर उन्होंने अदालत में मानहानि और क्षतिपूर्ति की मांग करते हुए डैमेज सूट दायर किया है.
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प्रारंभिक सुनवाई के दौरान अदालत ने वादी पक्ष द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और गवाहों के बयानों का अवलोकन किया. इसके बाद प्रतिवादी को समन जारी किया गया, लेकिन अदालत के अनुसार समन का कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अब सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है.








