पटना- EOU के DIG मानवजीत सिंह ढिल्लों ने शुक्रवार को BPSC की 2 प्रतियोगिता परीक्षा में हुई धांधली की जांच से जुड़े कई अहम खुलासे किए। उन्होंने बताया कि जांच में बायोमेट्रिक सत्यापन और जैमर संचालन से जुड़ी कंपनियों के कर्मियों की संलिप्तता सामने आई है। अब तक कुल 8 कांड दर्ज किए गए हैं और 37 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
सरदार पटेल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान आर्थिक अपराध इकाई के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि BPSC द्वारा आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) प्रतियोगिता परीक्षा-2026 में कदाचार और प्रश्नपत्र लीक से जुड़े पांच अलग-अलग मामले मुंगेर, नालंदा, वैशाली, बेगूसराय और नवादा जिलों में दर्ज किए गए थे.
जांच के दौरान अब तक कुल 35 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है. इसके अलावा सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा-2026 में कदाचार से जुड़े पटना के श्रीकृष्णापुरी थाना कांड की भी जांच EOU कर रही है. इस मामले में अब तक दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है. इस प्रकार दोनों परीक्षाओं से जुड़े मामलों में कुल 37 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
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जांच के दौरान यह सामने आया है कि दोनों परीक्षाओं में बायोमेट्रिक सत्यापन का कार्य करने वाली कंपनी मेसर्स साई एजुकेयर प्राइवेट लिमिटेड, जयपुर के कई कर्मियों की संलिप्तता रही है. गिरफ्तार आरोपियों में कंपनी के जिला समन्वयक, बायोमेट्रिक सुपरवाइजर और ऑपरेटर शामिल हैं.
इनमें नालंदा के जिला समन्वयक ब्रजेश कुमार, मुंगेर के समन्वयक रामरत्न कुमार उर्फ मास्टर, बायोमेट्रिक सुपरवाइजर समीर उर्फ मनीष पासवान, सुजल कुमार, चंदन कुमार, अंशुप्रिया तथा अभिषेक पांडेय समेत कई नाम शामिल हैं.
DIG ने बताया जिन कर्मियों पर पहले भी परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगे थे, उन्हें दोबारा जिम्मेदारी दी गई। रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के बाद ड्यूटी लगाने का नियम था, लेकिन अंतिम समय में ऐसे लोगों को तैनात किया गया जिनके नाम आयोग को उपलब्ध कराई गई सूची में नहीं थे। कई कर्मियों के परीक्षा माफिया से संपर्क पाए गए। इन तथ्यों के आधार पर संबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव दिया गया है।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगे डीआईजी ने बताया कि आय से अधिक संपत्ति के मामलों में 4 अधिकारियों के खिलाफ नए केस दर्ज किए गए हैं। इन सभी मामलों की जांच भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत की जा रही है।
आम लोगों से भी सूचना साझा करने की अपील की गई है. इसके लिए 9031829067 मोबाइल नंबर और digeou-bih@gov.in ईमेल आईडी जारी की गई है.
डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि संगठित आर्थिक अपराध पर प्रभावी कार्रवाई के लिए आर्थिक अपराध इकाई में एक नई शाखा का गठन किया गया है.
यह शाखा आर्थिक अपराध से जुड़े संगठित गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाएगी. इसके साथ ही भूमि एवं राजस्व सुधार विभाग में भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों की जांच के लिए विभाग की सहमति से एक विशेष SIT का भी गठन किया गया है.








