जमुई- बिहार के जमुई में निगरानी विभाग की बड़ी कारवाई सामने आई है, यहां झाझा थाना का चालक सिपाही घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है. इस कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी मौके से फरार हो गए हैं. टीम ने 12 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है.
मिली जानकारी के अनुसार अवैध बालू उठाव और परिवहन के नाम पर ट्रैक्टर चालकों एवं बालू कारोबारियों से प्रतिदिन हजारों रुपये की अवैध वसूली की जाती थी. इसी के आधार पर झाझा थाना में पदस्थापित सरकारी चालक जितेंद्र कुमार को निगरानी विभाग की टीम ने 12 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया.
कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी के मौके से फरार होने की चर्चा ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है. निगरानी विभाग अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गया है और अवैध वसूली में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है.
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निगारानी की गिरफ्त में आए झाझा थाना के सरकारी चालक ने पुछताछ में बताया कि पैसा उनका नहीं बल्कि झाझा थाना प्रभारी लाल बहादुर सिंह का है. अब निगरानी की टीम थाना प्रभारी के खोज में लगी है, जल्द ही थाना प्रभारी को भी पुछताछ के लिए निगरानी की टीम अपने गिरफ्त में ले सकती है.
बताया जा रहा है कि बालू माफिया से रोजाना 20,000 रूपये घूस मांगी जा रही थी, लेकिन वह 12,000 देने के लिए तैयार हुआ था. यहीं से जानकारी लीक हुई और खबर निगरानी तक पहुंची.
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस उपाधीक्षक कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि बीते 25 मई को परिवादी उमेश यादव के द्वारा विषेश निगरानी पटना में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि झाझा थाना के चालक के द्वारा बालू लेकर ट्रेक्टर चलाने पर पैसे की मांग की जाती है. इसी के आधार पर कार्रवाई की गई है,
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