बोकारो- बोकारो जिले में एक सड़क हादसे ने तीन बच्चों को अनाथ कर दिया. अपने मां-बाप को सड़क हादसे में खोने के बाद तीनों बच्चे पल्लवी, विमल और विद्युत बेसहारा हो गए. मामला संज्ञान में आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रशासन को हरसंभव मदद करने का निर्देश दिया है.
यह हादसा चंदनकियारी के बरमसिया में हुआ. हादसे में सपन मांझी की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी लक्ष्मी देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं. बाद में रिम्स रांची में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
परिजनों ने बताया कि डीसी साहब हमारे घर आए और सरकारी योजना का लाभ देने के लिए अपने कर्मचारियों को आदेश भी दिया. हम सबको भी आश्वासन दिया कि अनाथ हुए बच्चों को सरकार की तरफ से जो भी मिल सकता है, वह जल्द से जल्द दिलाएंगे. मुख्यमंत्री अगर ट्वीट कर सकते हैं, तो हम लोगों को विश्वास है कि कुछ न कुछ होगा.
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खाद्य सुरक्षा योजना के तहत तत्काल इन बच्चों को 50 किलोग्राम अनाज उपलब्ध कराया गया. प्रशासन की ओर से पल्लवी का नामांकन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कराने का भरोसा मिला है, जबकि विमल और विद्युत को नवोदय विद्यालय में दाखिला कराने का. वहीं, 18 साल पूरा हो जाने पर पीएम आवास योजना का भी लाभ देने का भरोसा दिया गया है.
डीसी ने बताया कि प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ ऐसे मामलों में उनको क्या-क्या मुआवजा कब-कब दिया जाना है, उसको हमने अपनी मॉनिटरिंग लिस्ट में रख लिया है. उनका स्थानीयता प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र समय से बन सके, इसको भी हमने अपनी मॉनिटरिंग लिस्ट में शामिल किया है और हम इसकी समीक्षा कर रहे हैं.
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