रांची- अलकतरा घोटाले में 29 साल बाद बड़ा फैसला आया है. कोर्ट ने 4 अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 3-3 साल की सजा सुनाई है. साथ ही सभी दोषियों पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है. वहीं साक्ष्य के अभाव में तीन आरोपियों को बरी कर दिया गया.
मामले में कुल नौ आरोपियों के खिलाफ ट्रायल चल रहा था, जिनमें मो. इसहाक, एसके दास, एसएन औरंगजेब, एससी प्रसाद, भरत प्रसाद गुप्ता, ट्रांसपोर्टर विनय कुमार सिन्हा, राजकुमार राय, आरएस मंडल और आशीष शामिल थे. ट्रायल के दौरान दो आरोपियों मो. इसहाक और भरत प्रसाद गुप्ता की मौत हो चुकी है.
अभियोजन के मुताबिक, अलकतरा सप्लाई के तीन ऑर्डरों में बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया. हल्दिया से एनएच बरही तक अलकतरा की आपूर्ति बरौनी के रास्ते होनी थी, लेकिन फर्जी सप्लाई दिखाकर सरकारी राशि की निकासी कर ली गई.
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जांच में सामने आया कि तय मात्रा से कम आपूर्ति दिखाकर फर्जी बिल बनाए गए. ट्रांसपोर्टर द्वारा बरौनी में रिपोर्टिंग भी नहीं की गई और फर्जी भाड़ा बिल जमा किया गया. मामला सामने आने के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने केस नंबर 12/97 दर्ज कर जांच शुरू की थी.








