डेस्क- मेरठ की चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में उस वक्त बवाल खड़ा हो गया जब एमए पॉलिटिकल साइंस के सेकेंड सेमेस्टर में एक विवादित सवाल पूछा गया.
इन सवालों की सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना हो रही है. दरअसल, परीक्षा के प्रश्नपत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को नक्सलियों और आतंकी संगठनों के साथ जोड़ दिया गया.
दरअसल, एमए पॉलिटिकल साइंस के पेपर में एक सवाल था- “निम्न में से किसे परमाणु समूह नहीं माना जाता है?” इसके जवाब में चार विकल्प दिए गए थे- नक्सली समूह, जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट, दल खालसा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ.
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इस सवाल के पेपर के बाहर आते ही सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया. लोग इसे देखकर गुस्से में आ गए और सवाल उठाने लगे कि एक राष्ट्रवादी संगठन को आतंकी या उग्रवादी संगठनों के साथ क्यों रखा गया.
विवाद बढ़ता देख यूनिवर्सिटी प्रशासन तुरंत हरकत में आया. इस सवाल को तैयार करने वाली प्रोफेसर सीमा पंवार पर सख्त कार्रवाई की गई. सीमा पंवार मेरठ कॉलेज में राजनीति विज्ञान की प्रोफेसर हैं.
यूनिवर्सिटी ने उन्हें परीक्षा और मूल्यांकन के काम से हटा दिया है. यानी अब वह न तो पेपर बना सकेंगी और न ही उससे जुड़े किसी काम में हिस्सा ले सकेंगी. बताया जा रहा है कि प्रोफेसर ने अपनी गलती मान ली है और लिखित में माफी मांगी है. उन्होंने कहा कि अगर उनके सवाल से किसी की भावनाएं आहत हुईं, तो वह इसके लिए माफी मांगती हैं.
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