पटना- अनंत सिंह ने शुक्रवार को एक बयान दिया था जिसको लेकर सियासत गरमा गई थी. उन्होंने कहा था कि जब नीतीश कुमार कुछ नहीं थे तब हमने उनका साथ दिया था. 9 लोगों का मर्डर करवाए थे. हमने काफी कुर्बानी दी थी. इस बयान के आने के बाद आरजेडी, कांग्रेस ने तीखा हमला किया था.
विवाद बढ़ता देख अनंत सिंह ने अपने सफाई दी है. अनंत सिंह ने कहा कि हमने नीरज कुमार को जवाब दिया है कि मैंने कितनी कुर्बानी दी है. जब लालू यादव की सरकार थी तब हमारे 9 लोग मरवा दिए गए और मुझे गोली लगी.
हम नीतीश कुमार के साथ हुए इसलिए लालू यादव ने मरवा दिए. हमारी इतनी क्षति हुई है. मेरे पिता की भी दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई.
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पुराने दिनों को याद करते हुए अनंत सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि लालू यादव और नीतीश कुमार जब साथ थे तब मेरे भाई को टिकट दिए थे. तभी से हम नीतीश कुमार की मदद कर रहे हैं.
जब हमारे भाई साहब को टिकट दिया गया था तब समता पार्टी हुआ करती थी, जिसमें लालू यादव और नीतीश कुमार हुआ करते थे. इसके बाद दोनों आलग हो गए.
दिलीप सिंह लालू यादव के साथ रहे क्योंकि वह उनकी पार्टी से थे, हालांकि टिकट नीतीश कुमार ही दिलवाए थे. इसी बीच नीतीश कुमार से हमारी मुलाकात हुई क्योंकि हम गांव में काम करते थे.
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उन्होंने मुझसे मदद मांगी, तो मैंने कहा था मेरे भाई को टिकट दीजिए. इसके बाद उन्होंने लालू यादव से बात कर हमारे भाई को टिकट दिए. उसके बाद से हम नीतीश कुमार की मदद करने लगे.
अनंत सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार से दो दिन मिलना ही हुआ था कि तीसरे दिन मेरे 9 लोगों को लालू यादव मरवा दिए. हमारे पिताजी को हार्ट अटैक हो गया, जिससे उनका देहांत हो गया.
लालू यादव ने मुझसे कहा था कि मीटिंग में नहीं जाना, वरना बर्बाद कर देंगे. मैंने कहा बैठक में जाऊंगा. चांदी के सिक्का से नीतीश कुमार को तौले थे उसके चार दिन बाद ही हमला किया गया. हमारे 9 लोगों की हत्या की गई. मुझे भी गोली लगी. पुलिस को भेजकर भुनवा दिया गया था.








