डेस्क- कलश स्थापना के साथ रविवार से नवरात्रि शुरू हो गई है। 20 अक्टूबर तक दशहरा मनेगा। नवरात्रि में देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है। देवी भागवत पुराण में नौ दिनों की पूजा और व्रत के नियम बताए गए हैं।
दरअसल वर्ष में चार बार पौष, चैत्र, आषाढ़ और अश्विन महीने में नवरात्रि आते हैं। चैत्र और आश्विन में आने वाले नवरात्रि प्रमुख होते हैं जबकि अन्य दो महीने पौष और आषाढ़ में आने वाले नवरात्रि गुप्त नवरात्रि के रूप में मनाए जाते हैं।
आश्विन महीने से शरद ऋतु की शुरुआत होने लगती है इसलिए आश्विन महीने के इन नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि के नाम से जाना जाता है। ये नौ दिवसीय शारदीय नवरात्रि आज से शुरू हो कर 19 अक्टूबर तक चलेंगे।
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20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाया और नवरात्रि का पारण किया जाएगा। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है और जौ बोने की परंपरा है। नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की जाती है।
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की उपासना की जाएगी। इस दिन मां शैलपुत्री की उपासना करने से व्यक्ति को धन-धान्य, ऐश्वर्य, सौभाग्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिन लोगों के विवाह में दिक्कतें आ रही हैं वो मां शैलपुत्री की पूजा जरूर करें। ऐसा करने से विवाह से जुड़ी सभी तरह की बाधाएं दूर हो जाती हैं। वहीं मां शैलपुत्री की पूजा करने से माता रानी अच्छी सेहत का भी आशीर्वाद देती हैं।
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