सहरसा- सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के दो अलग-अलग विद्यालयों में पदस्थापित शिक्षकों के इंटरमीडिएट प्रमाण पत्रों के सत्यापन में गड़बड़ी सामने आयी है. जिसके बाद 2 शिक्षकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है.
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से कराये गये सत्यापन के बाद दोनों शिक्षकों के खिलाफ सिमरी बख्तियारपुर थाना में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
पहला मामला मध्य विद्यालय भौरा में पदस्थापित पंचायत शिक्षक चंद्रशेखर आजाद, पिता लक्ष्मेश्वर प्रसाद यादव, ग्राम बरियारपुर, पंचायत खमहौती से जुड़ा है. आरोप है कि नियोजन के समय शिक्षक की ओर से प्रस्तुत इंटरमीडिएट प्रमाण पत्र में रोल कोड 6111, रोल नंबर 30056 और वर्ष 2006(ए) दर्ज था.
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इस प्रमाण पत्र में 371 अंक के साथ तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण बताया गया था. निगरानी जांच के दौरान बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से कराये गये सत्यापन में इसी रोल नंबर के वास्तविक रिकॉर्ड में 361 अंक और फेल दर्ज पाया गया.
प्रमाण पत्र और बोर्ड के रिकॉर्ड में अंतर मिलने के बाद निगरानी की रिपोर्ट के आधार पर सिमरी बख्तियारपुर थाना में कांड संख्या 296/26 दर्ज किया गया है.
दूसरा मामला हरिवंश मध्य विद्यालय, सिमरी बख्तियारपुर में पदस्थापित प्रखंड शिक्षक मुकेश कुमार, पिता उपेंद्र यादव, ग्राम चुकती, थाना मानसी, जिला खगड़िया से संबंधित है.
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जांच के अनुसार उनके आवेदन में प्रस्तुत इंटरमीडिएट प्रमाण पत्र में रोल कोड 8310, रोल नंबर 30006 और वर्ष 1998(ए) दर्ज था. प्रमाण पत्र में 732 अंक और प्रथम श्रेणी दर्शायी गयी थी.
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से सत्यापन कराने पर उसी रोल नंबर के वास्तविक रिकॉर्ड में 482 अंक और द्वितीय श्रेणी दर्ज मिली. इसके बाद प्रमाण पत्र और बोर्ड के रिकॉर्ड में अंतर के आधार पर उनके खिलाफ भी सिमरी बख्तियारपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है








