रांची- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव नेमरा में गुरुवार को संपन्न हो गया. नेमरा में अंतिम संस्कार के दौरान मुख्यमंत्री कई बार अपनी आंखों से आंसू पोंछते नजर आए. मां को खोने का दर्द उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था.
अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखी गई. रामगढ़ के गोला प्रखंड स्थित नेमरा गांव में अंतिम संस्कार की तैयारियां गुरुवार सुबह से ही तेज रहीं.
रामगढ़ और हजारीबाग जिला प्रशासन के अधिकारी सुबह से ही नेमरा पहुंचकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे. बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी.
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रांची से रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर पैतृक गांव नेमरा पहुंचा. पैतृक आवास के आंगन में परिवार और समाज की परंपरा व संस्कृति के अनुसार अंतिम रस्में पूरी की गयीं. इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत परिवार के सदस्यों ने पार्थिव शरीर को कंधा दिया और श्मशान घाट की ओर रवाना हुए.
रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार उसी स्थान पर किया गया, जहां करीब एक साल पहले उनके पति और और हेमंत सोरेन के पिता शिबू सोरेन यानी गुरुजी का अंतिम संस्कार हुआ था.
उसी घाट पर आज परिवार ने रूपी सोरेन को भी अंतिम विदाई दी. इस दौरान हेमंत सोरेन, उनके दोनों बेटे समेत परिवार के अन्य सदस्यों ने पार्थिव शरीर को कंधा दिया. अंतिम विदाई के वक्त पूरा परिवार भावुक था. नेमरा में मौजूद लोगों की आंखें भी नम थीं.
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रूपी सोरेन की अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में आम लोग, नेता, मंत्री, विधायक और अधिकारी मौजूद रहे. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी भी अंतिम संस्कार के वक्त घाट पर मौजूद रहे.
राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार और डीजीपी तदाशा मिश्रा समेत कई आईएएस और आईपीएस अधिकारी भी नेमरा पहुंचे. बता दें कि रूपी सोरेन का बुधवार देर शाम राजधानी रांची के रेलवे अस्पताल में निधन हो गया था. वे बीते कुछ समय से बीमार चल रही थी.








