पटना- राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन का आयोजन किया गया. इस दौरान कई देशों के राजनेताओं ने हिस्सा लिया. वहीं देश के अलग-अलग राज्यों के 16 मुख्यमंत्री भी ब्रिक्स समिट में शामिल हुए.
इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सम्मेलन में शामिल नहीं हुए हैं. इस बीच राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी को घेर लिया.
तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी के ब्रिक्स में न बुलाए जाने पर कहा, “अब वे कितने योग्य हैं शायद वही इसका आधार होगा. बुलाने का क्राइटेरिया वैसा किया गया होगा.
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कहीं पुतिन से न कह देते व्याकुल मत हो. जब स्पीकर से मुख्यमंत्री रहते हुए व्याकुल मत हो कह सकते हैं. मोदी जी बड़े हैं. वे कुछ भी कह सकते हैं शायद इसलिए छोड़ दिया गया.”
वहीं तेजस्वी यादव ने रविवार को केंद्र पर बाढ़ राहत देने के मामले में बिहार के प्रति “सौतेला” रवैया अपनाने का आरोप लगाया. पटना में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष ने “बिहार के लिए राहत पैकेज हासिल करने में नाकाम रहने” पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य से केंद्रीय मंत्रियों की आलोचना की.
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया, “जब भी गुजरात में बाढ़ आती है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तुरंत राहत का भरोसा दिलाते हैं, राज्य के नेताओं से बात करते हैं और भारतीय वायु सेना समेत राहत बलों को तैनात करने का निर्देश देते हैं. हालांकि, बिहार के साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है, जहां वे चुनाव प्रचार के दौरान आते हैं और ‘लिट्टी-चोखा’ खाते हैं.”
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यादव ने कहा कि उन्होंने सात सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर बाढ़ को “राष्ट्रीय आपदा” घोषित करने और 5,000 करोड़ रुपये की तत्काल वित्तीय सहायता देने की मांग की थी.
उन्होंने कहा, “बिहार में ‘डबल-इंजन’ सरकार के इंजन फेल हो गए हैं. मुझे नहीं पता कि मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री मोदी से कितनी बार बात करते हैं, और हैरानी होती है कि वे केंद्र से मदद क्यों नहीं दिला पाए. बिहार से कई केंद्रीय मंत्री हैं, लेकिन किसी में भी इतनी ताकत नहीं है कि वे बिहार के लिए केंद्र से मदद ला सकें.”








