डेस्क- दिल्ली के हॉस्टल हादसे मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- हादसे के लिए दिल्ली नगर निगम और दिल्ली यूनिवर्सिटी दोनों जिम्मेदार हैं।
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि ऐसी घटनाएं हर कुछ महीनों में होती रहती हैं, जिनमें निर्दोष लोगों की जान चली जाती है। कभी आग लगने, कभी जलभराव और कभी बिल्डिंग गिरने जैसी घटनाओं में लोगों की मौत होती है।
सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि बाहर से पढ़ने आने वाले छात्रों के हॉस्टलों की हालत बेहद दयनीय और खराब है। सरकार जिम्मेदारी से नहीं बच सकती है।
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अदालत ने एमसीडी (MCD), दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, एनएचआरसी (NHRC) और दिल्ली विश्वविद्यालय को 10 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
बता दें हॉस्टल हादसा दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। हॉस्टल 5 मंजिला इमारत में था, जो करीब 40 साल पुरानी थी।
दिल्ली नगर निगम (MCD) के रिकॉर्ड में इस इमारत को खतरनाक घोषित नहीं किया गया था। इस हादसे में 3 छात्र और एक मजदूर के मारे जाने की खबर आ रही है. वहीं एक शव की अभी भी पहचान नहीं हो सकी है.
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