डेस्क- नेपाल में इन दिनों बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है. ऐसी तबाही हो रही है कि देखने वालों की रूह कांपने लगी है. डर के मारे लोग चीख-चिल्ला रहे हैं. तिब्बत से आया पानी अपने साथ भीषण तबाही लेकर आया है. ऐसा जल रहा कि मानो ‘जलप्रलय’ आ गई हो.
पानी का बहाव इतना तेज है कि क्या पुल और टावर और क्या इमारतें, सब कुछ अपने साथ बहा ले जा रहा है. पानी जहां से गुजर रहा है पीछे सिर्फ तबाही के निशान ही छोड़ रहा है.
तबाही के वीडियो डरा देने वाले हैं. पीएम बालेन शाह के निर्देश पर सेना ने मोर्चा संभाल लिया है. जवान राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए है. जवान लोगो की मदद कर रहे हैं.
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नेपाल में बाढ़ से हुई जनहानि पर प्रधानमंत्री मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात कर बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत नेपाल के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है।
तिब्बत की ओर से अचानक आई भीषण बाढ़ की वजह से नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मची है. हवा जैसी तेज स्पीड से पानी का बहाव है. पानी अपने साथ बड़ी संख्या में वाहन और अन्य सामान बहा ले गया. इस भीषण बाढ़ में कई जलविद्युत परियोजनाओं और बस्तियों को भी नुकसान पहुंचा है.
नेपाल की सेना ने एक बयान में बताया कि पानी का फ्लो अचानक बढ़ने से रसुवा जिले के तिमुरे और समीपवर्ती स्याफ्रुबेसी इलाके में भारी नुकसान हुआ है. पानी अपने साथ वाहन, सामान और अन्य संपत्ति बहा ले गया.
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बता दें कि रसुवा जिला काठमांडू के उत्तर-पूर्व में स्थित है और तिब्बत सीमा से करीब 125 किलोमीटर दूर है. नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा नदी के किनारे रहने वाले लोगों से अगले आदेश तक बहुत ज्यादा सर्तक रहने और सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की है.








