रांची- 18 अगस्त की रात झारखंड सरकार द्वारा 22 नियुक्ति परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले से मचे हड़कंप के बीच झारखंड हाई कोर्ट से कुछ सफल अभ्यर्थियों के लिए राहत वाली खबर आई है.
हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की कोर्ट ने 11वीं से 13वीं जेपीएससी, फूड सेफ्टी ऑफिसर के साथ-साथ सीडीपीओ की नियुक्ति को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद रोक लगा दी है. अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी.
सुनवाई के दौरान जस्टिस दीपक रोशन की एकलपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य सरकार खुद पूरे मामले की सीआईडी से जांच करवा रही है. इसलिए बिना नेचुरल जस्टिस के किसी को भी परमानेंट नौकरी से नहीं हटाया जा सकता है.
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11वीं से 13वीं जेपीएससी रिजल्ट को रद्द करने के फैसले को सोनम कुमारी और दीपमाला ने चुनौती दी थी जबकि फूड सेफ्टी ऑफिसर से जुड़े मामले को सौरव सिंह ने चुनौती दी थी.
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में ना तो FIR हुई है ना किसी तरह की विभागीय कार्रवाई हुई है. कोर्ट ने पूछा कि इसमें किसी तरह की फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट है या नहीं. कोर्ट ने पूछा कि क्या एक आदेश जारी कर किसी की रेगुलर नियुक्ति रद्द की जा सकती है.
कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए यह भी कहा कि बहुत से पुलिस पदाधिकारी और मजिस्ट्रेट के रूप में डिप्टी कलेक्टर्स देवघर स्थित श्रावणी मेला की व्यवस्था में लगे हुए थे, लेकिन उनकी सेवा खत्म होने की वजह से वहां आम लोगों को परेशानी हो रही थी.
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दरअसल, राज्य सरकार ने नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर छात्रों के आंदोलन के बीच कुल 8 नोटिफिकेशन जारी किया था. इसमें कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग की ओर से जारी नोटिफिकेशन संख्या 5404 पर जस्टिस दीपक रोशन की पीठ ने फैसला सुनाया है.
इस नोटिफिकेशन के जरिए सरकार ने तीन परीक्षाओं को रद्द किया था, जिसमें 11वीं से 13वीं जेपीएससी (विज्ञापन संख्या 1/2024) फूड सेफ्टी ऑफिसर( विज्ञापन संख्या 18/2023) और सीडीपीओ (विज्ञापन संख्या 21/ 2023) का जिक्र है.








