भोजपुर- बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी को गोली मारने वाले एसटीएफ जवान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है.
तकनीकी अनुसंधान और मोबाइल सर्विलांस की मदद से कार्रवाई का दावा किया जा रहा है. पुलिस के अनुसार एसटीएफ जवान अक्षय कुमार पर पहली गोली चलाने का आरोप है.
भोजपुर एसपी ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी जवान लंबे समय से जांच में सहयोग नहीं कर रहा था. वह लगातार गैरहाजिर और फरार चल रहा था, जिसके कारण उसे पूर्व में ही निलंबित किया जा चुका था. इस एनकाउंटर प्रकरण में आरोपी जवान की सरकारी पिस्टल भी पुलिस द्वारा पहले ही जब्त की जा चुकी है.
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यह बड़ी कार्रवाई तब हुई जब मृतक भरत भूषण तिवारी के परिजनों ने हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई थी. मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया था. परिजनों के अनुसार, इस आरोपी जवान की गिरफ्तारी पुलिस प्रशासन की ओर से न्याय की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है.
अक्षय कुमार ने चलायी थी पहली गोली: मृतक के भाई चंदन तिवारी का दावा है कि उन्होंने खुद आरोपी जवान अक्षय कुमार को पहली गोली चलाते हुए देखा था.
इस पूरे मामले को लेकर 22 जून को मृतक की मां आशा देवी के बयान पर शाहपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. इसमें तत्कालीन जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश कुमार और थानाध्यक्ष राजेश मालाकार सहित अन्य पुलिसकर्मियों को नामजद आरोपी बनाया गया है.
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बता दें कि 17 जून की यह घटना है. आरोप है कि सरेंडर के बावजूद पुलिसकर्मियों ने भरत तिवारी को धक्का देकर गिरा दिया और तत्कालीन एसडीपीओ के आदेश पर उन पर ताबड़तोड़ पांच गोलियां दाग दीं. इस फायरिंग में वे गंभीर रूप से घायल हो गए. बाद में पुलिस उन्हें गाड़ी में डालकर ले गई, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.








