रांची- देवघर में शुरू होने वाले राजकीय श्रावणी मेला सहित राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर हाई अलर्ट जारी किया गया है. यह अलर्ट एसआईबी रांची से प्राप्त गोपनीय इनपुट के आधार पर राज्य पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों, रेल पुलिस और खुफिया इकाइयों के लिए जारी किया है.
विशेष शाखा (एसबी) की ओर से जारी निर्देश में जिला पुलिस अधीक्षकों, रेल पुलिस अधीक्षकों और संबंधित अधिकारियों से संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने, फील्ड इंटेलिजेंस मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने को कहा गया है. सुरक्षा संबंधी इस निर्देश को ‘मैटर मोस्ट अर्जेंट’ श्रेणी में जारी किया गया है.
खुफिया एजेंसियों के अनुसार देश के बड़े धार्मिक आयोजनों और भीड़भाड़ वाले स्थान संभावित रूप से निशाने पर हो सकते हैं. इसी को देखते हुए देवघर श्रावणी मेला और हरिद्वार कांवर यात्रा के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू करने को कहा गया है. मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रवेश मार्ग और श्रद्धालुओं के ठहराव वाले स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है.
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खुफिया इनपुट में विभिन्न आतंकी और कट्टरपंथी संगठनों की ऑनलाइन गतिविधियों तथा धमकी भरे संदेशों का उल्लेख किया गया है. सुरक्षा एजेंसियों को अल-कायदा से जुड़े नेटवर्क, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और खालिस्तानी समर्थक संगठनों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है. साथ ही सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध प्रचार और संदेशों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.
सुरक्षा एजेंसियों ने मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध पेयजल और खाद्य सामग्री की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया है. अस्थायी शिविरों, भोजनालयों, पेयजल केंद्रों और खाद्य दुकानों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं.
विशेष शाखा के निर्देश के बाद दुमका जिला प्रशासन ने भी सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क कर दिया है. उपायुक्त कार्यालय की गोपनीय शाखा की ओर से पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, बीडीओ और अंचल अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं.
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राजकीय श्रावणी मेला में हर वर्ष देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं. इसे देखते हुए प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, प्रवेश-निकास व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, संदिग्ध वस्तुओं की जांच और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को और मजबूत करने का निर्णय लिया है. सुरक्षा एजेंसियों ने निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा दोनों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाए.








