डेस्क- लोकसभा में मंगलवार को दोपहर 2 बजे से पेपर लीक से जुड़े ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा शुरू हो गई है। विधेयक में 2024 में बने कानून में बदलाव का प्रस्ताव है।
चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी के संबोधन पर संसद में खूब हंगामा हुआ. प्रियंका ने कहा- धर्मेंद्र प्रधान का संसद में स्वागत किया गया। नए शिक्षा मंत्री को चुना गया। एक ऐसे व्यक्ति को ऐसे पद पर बैठाया जिसने गर्भवती महिला के बलात्कारियों की रिहाई पर सहमति व्यक्त की। इसके बाद सत्ता पक्ष ने हंगामा किया।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने रोकने की कोशिश की। रिजिजू निशिकांत दुबे और जोशी ने विरोध किया और कहा कि पहले प्रियंका इस बात का सबूत दें और माफी मांगे।
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रिजिजू ने कहा- प्रियंका ने शिक्षा मंत्री पर जो टिप्पणी की वह चरित्र हनन है। इस तरह की भाषा का इस्तेमाल न करें। वह सीनियर लीडर हैं उन्हें जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए।
बता दें 15 अगस्त 2022 को गुजरात सरकार ने बिलकिस बानो केस के 11 दोषियों को समय से पहले रिहा किया था। इस पर प्रह्लाद जोशी ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा था, ‘इसमें कुछ भी गलत नहीं है, क्योंकि यह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुआ है।’
प्रियंका ने फिर सरकार से सवाल किया कि छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन चलाने का अधिकार किसने दिया। देश के नौजवान न्याय मांग रहे हैं भीख नहीं। वे सरकार गिराने नहीं अपना भरोसा बचाने आए हैं। सरकार अपनी नीयत ठीक करें, अपनी अकड़ का इलाज करें। वादों पर अमल करें।
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वहीं पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनको कैमरे का एंगल नहीं दिल का एंगल बदलना पड़ेगा। ये जेनरेशन झूठ पकड़ सकती है। पीएम मोदी को अपने सलाहकार बदलने चाहिए, नई नई कमेटी बनाने से कुछ नहीं होगा। अभी बनी नई कमेटी में तो एक गोमूत्र विशेषज्ञ भी हैं। इन्हें शिक्षा व्यवस्था के बारे में क्या पता.
प्रियंका ने आगे कहा, जब से ये विधेयक बना है, सरकार ने किसी अपराधी को सजा नहीं दी। कल-परसों से प्रदर्शन करने वाले बच्चों के पते सार्वजनिक किए जा रहे हैं। लेकिन पेपर लीक करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।








