रांची- राजधानी रांची के जेएससीए स्टेडियम में हुई भगदड़ की घटना को लेकर भाजपा ने जेएससीए प्रबंधन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है. पार्टी ने जेएससीए अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव पर तत्काल FIR दर्ज करने और उन्हें पद से हटाने की मांग की है.
प्रदेश भाजपा कार्यालय में भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि पिछले एक वर्ष में जेएससीए क्रिकेट से अधिक अपने विवादों के कारण चर्चा में रहा है. उन्होंने कहा कि संगठन की कार्यप्रणाली और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी पूर्व में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कई गंभीर आरोप लगा चुके हैं, मगर दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि उन शिकायतों पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.
अजय साह ने पूछा कि जब पहले से यह स्पष्ट था कि मैच देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचेंगे, तब जेएससीए ने अतिरिक्त पुलिस बल, SDRF और अन्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों की मदद पहले से क्यों नहीं मांगी?
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स्टेडियम परिसर में पर्याप्त मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की व्यवस्था क्यों नहीं थी? हजारों लोगों को लंबे समय तक एक ही स्थान पर रोककर क्यों रखा गया? भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी किसके पास थी? क्या कोई प्रशिक्षित क्राउड मैनेजमेंट टीम बनाई भी गई थी या पूरी व्यवस्था हवा में थी?
अजय साह ने आरोप लगाया कि बिना किसी SOP और पर्याप्त तैयारी के भीड़ को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी कुछ बाउंसरों और सीमित पुलिस बल पर छोड़ दी गई. हालात बिगड़ने के बाद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय घायल और डरे हुए लोगों पर लाठीचार्ज किया गया, जिससे स्थिति और भयावह हो गई.
भाजपा प्रवक्ता ने पूछा कि घटना के 72 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद जेएससीए के जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है. आखिर किसके दबाव में कार्रवाई रोकी जा रही है?
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पार्टी ने भगदड़ में घायल सभी लोगों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने तथा उनके समुचित इलाज की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और जेएससीए द्वारा उठाने की मांग भी की है.
अजय साह ने कहा कि जिस प्रकार बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम हादसे में न्यायिक जांच कराई गई थी, उसी तर्ज पर रांची स्टेडियम भगदड़ मामले में भी सीटिंग जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच कराई जाए ताकि दोषियों की जवाबदेही तय हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.








