डेस्क- पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी और तृणमूल कांग्रेस की फायरब्रांड महिला सांसद महुआ मोईत्रा मीडिया से बेहद नाराज हैं.
महुआ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट लिखकर मीडिया रिपोर्ट्स पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सुर्खियों में बने रहने के लिए उनके हालिया इंटरव्यू से सिर्फ चटपटे हिस्से ( चुनकर संदर्भ से बाहर खबरें चलायी जा रही हैं.
बीबीसी (BBC) हिंदी और बांग्ला को दिये अपने इंटरव्यू का वीडियो क्लिप शेयर करते हुए महुआ मोईत्रा ने टीएमसी के बागी नेताओं पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला.
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उन्होंने कहा कि शुभेंदु अधिकारी ने जब तृणमूल छोड़ी थी, तो उनकी वजह साफ थी. वह जानते थे कि जब तक अभिषेक बनर्जी नंबर 2 के पद पर हैं, उन्हें पार्टी की कमान नहीं मिलेगी.
इसलिए उन्होंने साफ तौर पर गरिमा के साथ इस्तीफा दिया और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होकर 5 साल तक अपनी लड़ाई लड़ी, जो सम्मानजनक है.
महुआ ने मौजूदा बागी सांसदों की तुलना शुभेंदु से करते हुए उनकी जमकर क्लास लगायी. उन्होंने पूछा- ये लोग जो आज अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं, वे डेढ़ महीने पहले तक शांत क्यों थे?
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उन्होंने टीएमसी के सिंबल पर चुनाव क्यों लड़ा? तब उन्हें टिकट और पद चाहिए था और आज वे बगावत कर रहे हैं. यह उनके चरम स्तर के ढोंग और पाखंड को दर्शाता है.
दरअसल महुआ मोइत्रा ने एक इंटरव्यू के दौरान पुराने दिनों को याद करते हुए महुआ ने बताया कि वर्ष 2014 में जब उन्हें लोकसभा का टिकट नहीं मिला था, तो वे रात भर रोयी थीं.
उस समय शुभेंदु अधिकारी ने ही उनको ढाढ़स बंधाया था. शुभेंदु ने कहा था- मत रो बहन. हम सब तुम्हारे साथ हैं. महुआ ने कहा कि करीमपुर के उनके पहले चुनाव में जब कोई प्रचार करने नहीं आ रहा था, तब शुभेंदु अधिकारी ने ही उनके लिए रैलियां की थीं.
टीएमसी की महिला सांसद ने कहा कि पार्टी बदलने से पुरानी यादें और मानवीय रिश्ते खत्म नहीं हो जाते. इस इंटरव्यू के बाद मचे सियासी बवाल पर टीएमसी सांसद महुआ मोईत्रा ने सफाई दी है








