रोहतास- देश में सोने की कीमतों और विदेशी मुद्रा के मुद्दे को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोना खरीदने से बचने की अपील का असर अब छोटे कारोबारी पर भी दिखाई देने लगा है.
सर्राफा बाजार में ग्राहकों की संख्या तेजी से घटने से स्वर्ण व्यवसाय से जुड़े व्यापारी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं कई दुकानदार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. कारोबारियों ने पीएम मोदी के फैसले का विरोध जताया है.
इसी बीच रोहतास जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है वर्षों से स्वर्ण कारोबार से जुड़े एक व्यवसाई ने ग्राहकों की कमी और लगातार घटती आमदनी से परेशान होकर अब चाय और पकौड़े की दुकान खोली है. कारोबारी का कहना है कि परिवार चलाने के लिए अब कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था.
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दरअसल, स्वर्ण कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि पहले उनकी दुकान पर सुबह से शाम तक ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी, शादी विवाह और लगन के मौसम में तो दुकान पर पैर रखने तक की जगह नहीं होती थी, लेकिन पिछले कुछ समय से स्थिति पूरी तरह बदल गई है. अब दिन भर दुकान खाली पड़ी रहती है और ग्राहक ना के बराबर आ रहे हैं.
कारोबारी सच्चिदानंद प्रसाद ने कहा कि स्वर्ण कारोबार पूरी तरह से भरोसे और ग्राहकों की खरीदारी पर टिका होता है, जब लोग सोना खरीदना बंद कर देते हैं तो सीधे तौर पर कारोबार प्रभावित होता है.
दुकान का किराया, बिजली बिल, कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि आमदनी लगभग समाप्त हो चुकी है. ऐसे में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है.
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बाजार में आई मंदी ने उनकी आर्थिक स्थिति को बुरी तरह से प्रभावित किया है. अब ज्वेलरी दुकान के साथ-साथ सड़क किनारे चाय और पकोड़े बेचते हुए उन्हें देखा जा सकता है.
इस मुद्दे को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है राजद नेता गुड्डू चंद्रवंशी ने केंद्र सरकार पर निशाना चाहते हुए कहा कि सरकार की नीतियों का सीधा असर छोटे व्यापारियों पर पढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि अगर लोग सोना खरीदना बंद कर देंगे तो हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी.
वहीं चाय-पकौड़ी की दुकान का उद्घाटन करने पहुंचे मुख्य पार्षद शशि कुमारी ने भी व्यापारियों को परेशानी को गंभीर बताई उन्होंने कहा कि सरकार को किसी भी फैसला या अपील से पहले छोटे व्यवसाईयों की स्थिति पर भी विचार करना चाहिए.








