रांची- पूर्व मंत्री आलमगीर आलम करीब दो वर्ष जेल में रहने के बाद गुरुवार को जेल से बाहर आए. सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आज वो जेल से बाहर निकले.
रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से आलमगीर आलम के बाहर निकलने की खबर के बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जेल के बाहर जमा हो गए.
विधायक पत्नी निशत आलम के सरकारी आवास पर आलमगीर आलम के पहुंचते ही उनके समर्थकों में उनकी एक झलक पाने के लिए बेताबी दिखी. इस मौके पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, उज्जवल तिवारी सहित कई कांग्रेस नेताओं ने आलमगीर आलम से मुलाकात की.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि आलमगीर आलम की गिरफ्तारी एक राजनीतिक गिरफ्तारी थी और भाजपा के इशारे पर उन्हें करप्शन का गलत मामला बनाकर फंसाया लेकिन सत्य की जीत हुई है. इसके साथ ही ईडी-केंद्र सरकार की पोल खुल गयी है. आज उनकी रिहाई से सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं बल्कि आम जनमानस में भी खुशी है.
पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कठिन समय में पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने उनको जो समर्थन-सहयोग दिया जिससे उनका मनोबल कभी नहीं टूटा.
वह आज उन सभी लोगों को दिल से शुक्रिया अदा करते हैं. उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि न्यायिक प्रक्रिया पर उनका भरोसा है और वह कानून का सम्मान करते हैं.
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई करते हुए मई 2024 में आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा भी देना पड़ा.








