रांची- राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी रांची के हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव में मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह-सह-दक्षिणी छोटा नागपुर प्रमंडलीय मुखिया सम्मेलन आयोजित किया गया.
इसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की समेत बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि शामिल हुए.
समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और अन्य अतिथियों ने राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों, श्रेष्ठ ग्राम सभाओं, स्वच्छ एवं स्वस्थ पंचायत समितियों तथा जिला परिषदों को मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना के तहत प्रोत्साहन राशि प्रदान की.
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इस मौके पर राज्य सरकार और UIDAI के बीच एक महत्वपूर्ण करार भी किया गया, जिसके माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर आधार कार्ड संबंधी सेवाएं ग्रामीणों को आसानी से उपलब्ध कराई जा सकेंगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राजधानी रांची या हेडक्वार्टर से नहीं बल्कि गांवों से चलने वाली सरकार है, क्योंकि विकास की असली नींव गांवों में ही निहित है.
भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती गांवों से शुरू होती है. गांवों को सशक्त किए बिना राज्य और देश के विकास की कल्पना अधूरी है. सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ विकास की राह में खड़े समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे.
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मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि राज्य में पंचायत सेवकों से लेकर उच्च अधिकारियों तक एक सशक्त प्रशासनिक ढांचा कार्य कर रहा है, वहीं पंचायत से लेकर मुख्यमंत्री तक जनप्रतिनिधियों की एक समानांतर व्यवस्था है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संबोधन में कहा कि राज्य के समग्र विकास और ग्रामीण सशक्तिकरण में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. वे ग्रामीणों के सबसे करीब रहते हैं और पंचायती राज व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं. उन्होंने जोर देकर कहा, “राज्य का विकास तभी होगा जब गांव का विकास होगा. गांव राज्य की जड़ हैं, जड़ मजबूत होगी तभी पेड़ मजबूत होगा.”
सीएम ने भूख से किसी की मौत न होने का जिक्र करते हुए सरकार की संवेदनशीलता पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि हमने वे दिन भी देखें हैं जब हाथ में राशन कार्ड होते हुए लोग भात भात कहते हुए भूख से मर जाते थे. लेकिन पिछले सात आठ सालों में एक भी व्यक्ति भूख से नहीं मरा.
मोके पर सीएम ने कहा कि समाज का एक बहुत बड़ा वर्ग कोई आपदा या संकट के समय सबसे अधिक प्रभावित होता है, ऐसे में सरकार को संवेदनशील निर्णय लेने होते हैं, जो हमारी सरकार निरन्तर करती रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी गर्मी का मौसम है. गर्मी के समय में अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरों में जल संकट की समस्या उत्पन्न होती है.
इस समय पुराने तालाबों की सफाई और गहरीकरण कार्य किया जाए, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके. साथ ही चापाकलों के पास सोक पिट निर्माण को बढ़ावा दिया जाए. जिससे भूजल स्तर बना रहे और जल संकट से राहत मिल सके.








