डेस्क- पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के कालियाचक में हुई हिंसा और तनाव के मामले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है. बंगाल पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम के मास्टरमाइंड माने जा रहे अधिवक्ता और एआईएमआईएम नेता मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया है.
मोफक्करुल की गिरफ्तारी तब हुई जब वो बागडोगरा एयरपोर्ट से राज्य छोड़कर भागने की कोशिश कर रहा था. बता दें कि मोफक्करुल इस्लाम असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM का एक प्रमुख चेहरा है.
उसने साल 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उत्तर दिनाजपुर जिले की इटाहार सीट से AIMIM के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था. जांच में ये भी सामने आया है कि पिछले दिनों सुजापुर और कालियाचक के आस-पास हुए विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व भी इस्लाम ही कर रहा था.
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इस्लाम कलकत्ता हाईकोर्ट में वकील है। मोफक्करुल पर आरोप है कि मालदा के सुजापुर में 1 अप्रैल को SIR में नाम कटने के विरोध प्रदर्शन में भड़काऊ भाषण दिया।
इससे लोग भड़क गए और हजारों लोगों ने कलियाचक के BDO ऑफिस को घेर लिया। दो गेट बंद कर दिए गए, जिससे 7 न्यायिक अधिकारी 9 घंटे ऑफिस के अंदर बंधक रहे। देर रात 1 बजे सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भारी सुरक्षाबल की मौजूदगी में अफसरों को बाहर निकाला गया था।
उधर, सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद इलेक्शन कमीशन ने इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है। एक टीम मालदा पहुंच चुकी है।
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इस मामले में पुलिस ने गुरुवार को 18 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक चुनावी उम्मीदवार भी शामिल है। इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के उम्मीदवार मौलाना शाहजहां अली और 16 लोगों को गिरफ्तार कर जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने इस पर एक्शन लिया और घटना को न्याय प्रशासन में बाधा डालने का एक ‘दुस्साहसी और जानबूझकर किया गया प्रयास’ बताया।
CJI सूर्यकांत की बेंच ने इस बात पर चिंता जताई कि पहले से पता होने के बावजूद, राज्य के अधिकारी समय पर सुरक्षा मुहैया कराने में विफल रहे, जिसके कारण अधिकारियों को घंटों तक बिना खाना-पानी के रहना पड़ा।








