डेस्क- ईंधन संकट के बीच एक हैरान करनेवाला मामला सोशल मीडिया पर छाया हुआ है जहां एक कैफे के बिल में ‘गैस संकट शुल्क’ जोड़ने का मामला वायरल हो रहा है. एक्स (ट्विटर) और रेडिट पर वायरल हो रहे इस रसीद ने लोगों के बीच बहस छेड़ दी है.
बेंगलुरु के थियो कैफे ने दो मिंट लेमनेड का बिल ग्राहक को दिया, जिसे देखकर ग्राहक भी हैरान रह गया. एक गिलास नींबू पानी की कीमत प्रति ग्लास 179 रुपये है, और 2 ग्लास का टोटल 358 रुपये बनता है. लेकिन बिल में 5 प्रतिशत ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ 17.01 रुपये भी जोड़ा गया, जिसमें अन्य चार्ज जोड़कर टोटल कीमत 374 रुपये हो गई.
कैफे प्रबंधन ने अभी तक इस शुल्क के पीछे का कारण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किया है. सोशल मीडिया पर वायरल इस पोस्ट को हजारों लोग देख चुके हैं, और प्रतिक्रियाएं तीखी हैं. एक यूजर ने लिखा, ‘सबसे पहले तो लेमनेड गैस स्टोव पर कौन बनाता है?
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यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत अवैध है. ईंधन संकट के नाम पर अतिरिक्त शुल्क अनुचित व्यापारिक प्रथा है. यदि अनिवार्य है तो 50,000 रुपये तक जुर्माना हो सकता है.’
एक दूसरे यूजर्स ने कहा, ‘शायद लेमनेड में गैस डालकर फिज बनाई होगी.’ एक ने सलाह दिया, ‘सोशल मीडिया पर शेयर करने के बजाय अधिकारियों को शिकायत करें, ऐसी अवैध वसूली पर कार्रवाई होनी चाहिए.’
वहीं, कुछ ने कैफे का पक्ष लेते हुए कहा, ‘यह शुल्क रेस्टोरेंट को बाकी मेन्यू चलाने के लिए जरूरी है, यह उचित लगता है.’ बेंगलुरु नगर निगम और खाद्य सुरक्षा विभाग ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन उपभोक्ता संगठनों ने जांच की मांग उठाई है.
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