डेस्क- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है. यहां लोक निर्माण विभाग (PWD) में सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर एक नाबालिग लड़की के साथ पिछले 8 वर्षों तक सामूहिक दुष्कर्म किया गया.
पीड़िता के साथ यह दरिंदगी तब शुरू हुई जब वह महज 14 साल की थी. दुर्ग पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि मुख्य आरोपी समेत तीन अब भी फरार हैं.
पीड़िता ने 30 जनवरी 2026 को अपनी मां के साथ दुर्ग के महिला थाने पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई. शिकायत के अनुसार, यह सिलसिला अप्रैल 2018 में शुरू हुआ था और अक्टूबर 2025 तक चलता रहा.
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PWD में टाइमकीपर के पद पर तैनात कृपा शंकर कश्यप उर्फ राजू ने पीड़िता को डेलीवेज में नौकरी दिलाने का लालच देकर पहली बार दुष्कर्म किया।
इसके बाद आरोपी ने अश्लील वीडियो बना लिया और उसे वायरल करने की धमकी देकर लगातार शोषण किया. मुख्य आरोपी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर अलग-अलग रेस्ट हाउस और ठिकानों पर पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया.
विरोध करने पर पीड़िता और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई. इस अत्याचार की वजह से पीड़िता मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद कमजोर हो गई थी.
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महिला थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1), 70(2) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 6 व 12 के तहत मामला दर्ज किया है.
गिरफ्तार किए गए आरोपी, विजय स्वाइन, अनिल चौधरी, गोविंद सिंह नागवंशी, कृपा शंकर कश्यप उर्फ राजू (PWD टाइमकीपर और भिलाई के सेक्टर-5 मंदिर का संरक्षक), बी.एन. पांडेय (कथित तौर पर खुद को सांसद का PA बताने वाला), संजय पंडित हैं. फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है.








