देवघर- देवघर के प्रसिद्ध प्रसाद पेड़े में मिट्टी की मिलावट की अफवाह पर विराम लग गया है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया में यह दावा किया गया था कि श्रावणी मेले के दौरान देवघर के पेड़े में करीब 15 प्रतिशत तक मिट्टी मिलावट की गई थी. खबर के वायरल होते ही मामला काफी तूल पकड़ लिया.
हालांकि जब पूरे मामले की पड़ताल की गई तो इन दावों की पुष्टि कहीं से भी नहीं हो सकी. जिला खाद्य निरीक्षक राजेश कुमार शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब तक की गई जांच में देवघर की किसी भी दुकान में पेड़े में मिट्टी की मिलावट का कोई प्रमाण नहीं मिला है.
उन्होंने बताया कि श्रावणी मेले में से लेकर अब तक लगभग 600 से 700 पेड़ा की दुकानों की जांच की जा चुकी है, लेकिन एक भी स्थान पर पेड़े में मिट्टी की मिलावट की शिकायत सही नहीं पाई गई.
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फूड इंस्पेक्टर राजेश शर्मा के अनुसार राज्य स्तर की फूड स्टेट लेबोरेटरी से भी इस मामले की पुष्टि कराई गई है. लैब रिपोर्ट और विभागीय जांच दोनों में यह साफ हो चुका है कि देवघर में तैयार हो रहे पेड़े पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनमें मिट्टी की मिलावट जैसी कोई बात सामने नहीं आई है. राज्य के वरीय अधिकारियों द्वारा भी प्रेस विज्ञप्ति और आधिकारिक बयान जारी कर इस अफवाह का खंडन किया जा चुका है.
4 दिसंबर को कुछ सोशल मीडिया रिपोर्ट्स के माध्यम से यह बात फैलाई गई थी कि देवघर के पेड़े में मिट्टी की मिलावट हो रही है, लेकिन अब प्रशासनिक जांच और वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि यह खबर पूरी तरह निराधार थी.
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