डेस्क- गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में SIR मामले पर सुनवाई हुई. जहां BLO की मौतों पर राज्य सरकारों को कोर्ट ने फटकार लगाते हुए दिशा निर्देश जारी किया है. कोर्ट ने बूथ लेवल ऑफिसर्स की हो रही मौतों और उनके द्वारा की जा रही आत्महत्याओं पर गंभीर चिंता जताई.
CJI जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच में मामले की सुनवाई हुई. कोर्ट ने BLO की परेशानियां कम करने के लिए राज्य सरकारों को कई दिशा निर्देश जारी किये.
बेंच ने संबंधित राज्यों को SIR ड्यूटी के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात करने का आदेश दिया, जिससे SIR कार्य में लगे लोगों(BLO) के कार्यवधि कम की जा सके. उन पर पड़ रहा मानसिक बोझ खत्म हो सके.
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बेंच ने राज्य सरकारों को स्पष्ट आदेश दिया कि कोई बूथ लेवल ऑफिसर्स किसी खास कारणों से अवकाश मांगते हैं, तो उस पर केस-टू-केस बेसिस पर विचार करें. कोर्ट ने BLO को बड़ी राहत देते हुए कहा कि अगर राज्य की तरफ से राहत नहीं दी जाती है, तो संबंधित BLO कोर्ट आ सकता है.
चीफ जस्टिस ने बीएलओ की मानसिक स्थिति के लिए राज्य सरकारों को जिम्मेदार करार दिया. फटकार लगाते हुए कहा कि जहां 10,000 कर्मचारी बीएलओ के रूप में तैनात किये गये हैं, वहां 30,000 स्टाफ भी काम में लगाये जा सकते हैं? स्टाफ बढाने से फील्ड में काम कर रहे कर्मचारियों पर से काम का बोझ और दबाव कम हो जायेगा.
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