डेस्क- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रविवार को मुंबई में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने जॉइंट प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए। दोनों नेताओं ने मेट्रो स्टेशन से शुरू होकर महानगरपालिका भवन तक मार्च निकाला।
उद्धव की शिवसेना यूबीटी और राज ठाकरे की मनसे पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।
राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में हुए SIR को रद्द किया जाए। सरकार किसकी बनेगी, ये फैसला जनता को तय करना है, चुनाव आयोग को नहीं। वहीं उद्धव बोले कि ज्ञानेश कुमार बीजेपी का हथियार हैं।
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मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ देश में पिछले तीन दिनों में दो शहरों में तीन बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं। उसके अलावा अलग-अलग संगठन और पार्टियां भी विरोध मार्च निकाल चुकी हैं।
राज ठाकरे ने कहा, हमारी मांग है कि महाराष्ट्र में की गई पूरी SIR प्रक्रिया रद्द की जाए। कानून के मुताबिक, SIR किसी आपात स्थिति में की जाती है।
विधानसभा चुनाव के दौरान 40 से 60 लाख मतदाताओं के नाम जोड़े गए और इसके जरिए सत्ता हासिल की गई। अब SIR के जरिए 2 करोड़ लोगों को हटाया जा रहा है। ये 2 करोड़ मतदाता कौन हैं?
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हमारी किसी से व्यक्तिगत नाराजगी नहीं है: हमारा विरोध इस बात को लेकर है कि आप सरकार कैसे चला रहे हैं और सत्ता का इस्तेमाल किस तरह कर रहे हैं। सरकार कौन बनाएगा और सरकार कैसे चलेगी, इसका फैसला जनता और मतदाताओं को करना चाहिए। इसका फैसला चुनाव आयोग को नहीं करना चाहिए।
वहीं, अपने भाषण में उद्धव ठाकरे ने कहा कि देशभर में 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। बंगाल और तमिलनाडु में भी मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
पश्चिम बंगाल में अभी उपचुनाव हो रहा है और लोग अपने वोट देने के अधिकार की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। सुप्रीम कोर्ट कहता है कि यह सिर्फ उपचुनाव है, इससे क्या फर्क पड़ता है? यह भी अभी तय नहीं है कि कल सुनवाई होगी या नहीं।
चुनाव आयोग की नियुक्ति चुनाव के जरिए होनी चाहिए। पहले एक समिति होती थी, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता शामिल होते थे। केंद्र सरकार ने इस समिति से मुख्य न्यायाधीश को हटा दिया। उनकी जगह प्रधानमंत्री द्वारा चुने गए एक मंत्री को नियुक्त किया गया।
उद्धव ने कहा कि जिस तरह से आप सरकार चला रहे हैं वह शासन नहीं बदले की राजनीति है. पहले इंडिया अगेंस्ट करप्शन था अब इंडिया अगेंस्ट वोट चोर है.








