देवघर- कम्युनिकेशन एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कमेटी के चेयरमैन बनने के बाद सांसद निशिकांत दुबे रविवार को देवघर पहुंचे. जहां उन्होंने बाबा बैद्यनाथ की पूजा की और अपने क्षेत्र के लोगों के विकास के लिए आशीर्वाद मांगा.
कम्युनिकेशन एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कमेटी के चेयरमैन बनने के बाद निशिकांत दुबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि पार्टी और लोकसभा अध्यक्ष की ओर से मिली जिम्मेदारी को वे पूरी निष्ठा से निभाएंगे.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध पर निशिकांत दुबे ने तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि यह चुनाव आयोग या SIR का विरोध नहीं, बल्कि बांग्लादेशी वोटरों को सुरक्षित रखने की साजिश है.
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उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि संथाल परगना में आदिवासियों की संख्या 45 प्रतिशत से घटकर 24-25 प्रतिशत रह गई है, जबकि मुसलमानों की संख्या 7-8 प्रतिशत से बढ़कर 28-30 प्रतिशत हो गई है. चुनाव आयोग अगर यह पूछता है कि ये सभी वंशज हैं या बाहर से आए हैं, तो जानकारी देने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए.
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि वे जितना भी विरोध करें, उससे कुछ नहीं होने वाला. उल्टे उनके विरोध से लोगों का आक्रोश बढ़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का यह विरोध देश को गृहयुद्ध की ओर ले जा रहा है.
असम के नेल्ली नरसंहार का जिक्र करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि 1983 में बांग्लादेशी घुसपैठियों के साथ जो हुआ था, वैसी स्थिति फिर न पैदा हो. कांग्रेस और विपक्षी दलों को उन्होंने सलाह दी कि देश में समरसता और भाईचारा बनाए रखने के लिए SIR का विरोध न करें.
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निशिकांत दुबे ने कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टियों को अलोकतांत्रिक बताया. उन्होंने कहा कि ये पार्टियां आज तक अपने परिवार के घेरे से बाहर नहीं निकल पाई हैं. इन दलों ने अपनी पार्टी में कभी सही चुनाव नहीं कराया, तो देश में सही चुनाव कैसे कराएंगे.
वहीं, निशिकांत दुबे ने हेमंत सरकार पर भी निशाना साधा है. उनका कहना है कि यह सरकार भ्रष्टाचार में पूरी तरह से लिप्त है. इन्हें विकास से कोई लेना देना नहीं. इनके पास विकास की न तो प्लानिंग है और न ही पैसे.
उन्होंने कहा कि अगर हेमंत सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करें तो विकास संभव है. अन्यथा एक दिन ऐसा भी आएगा कि वर्तमान की झारखंड सरकार खुद से यह कहेगी कि अब हमें शासन नहीं करना. निशिकांत दुबे प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनने वाली तीन सड़कों और पुलों के शिलान्यास कार्यक्रम में आए हुए थे.








