डेस्क- 1 सितंबर से देश में कई बदलाव किये गए है. इन बदलाव का सबसे ज्यादा असर आम आदमी पर ही पड़ने वाला है. तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर ₹11.50 रुपए तक महंगा कर दिया है।
वहीं 5 किलो वाला सिलेंडर 2 रुपए महंगा होकर ₹764 का हो गया है. कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च मामूली बढ़ेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ता महंगा कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है।
वहीं, बॉम्बे मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने 1 सितंबर से थोक दूध की कीमतों में 9 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इससे थोक दर 93 रुपए से बढ़कर 102 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जो 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी।
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तमिलनाडु में एविंस दूध के खरीद मूल्य में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। यह दर 41 रुपए से बढ़कर 44 रुपए प्रति लीटर हो गया है। दो हफ्तों से भी कम समय में यह दूसरी बढ़ोतरी है, जिससे कुल मिलाकर खरीद मूल्य में 6 रुपए प्रति लीटर का इजाफा हुआ है।
बताया जा रहा है कि पशुओं के हरे चारे, भूसे और खली के दामों के साथ-साथ उनके रख-रखाव और ट्रांसपोर्ट के खर्चों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इस वजह से दूध के दाम बढ़े हैं।
एलपीजी सब्सिडी का फायदा जारी रखने के लिए e-kyc कराने की आखिरी तारीख 31 अगस्त थी। तेल कंपनियों ने सभी घरेलू एलपीजी ग्राहकों से इस काम को पूरा करने को कहा था।
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तारीख बीत जाने के बाद बायोमेट्रिक पहचान न कराने वाले ग्राहकों की सब्सिडी रुक सकती है। गैस मिलने में भी परेशानी आ सकती है। हालांकि, पहचान दर्ज न होने पर सिलेंडर की बुकिंग तुरंत बंद होगी या नहीं, यह कंपनी के नियमों पर निर्भर करेगा।
भारत से विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए 1 सितंबर 2026 से इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर स्टैम्प लगवाने का नियम खत्म कर दिया गया है। अब प्रोसेस डिजिटल हो गई है।
अब यात्री इमिग्रेशन के समय अपने फोन में ई-बोर्डिंग पास दिखा सकते हैं। हालांकि, सही पासपोर्ट, वीजा और सुरक्षा जांच से जुड़े बाकी सभी नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे।
टाटा मोटर्स ने आज से अपनी गाड़ियों के सभी मॉडल्स और वैरिएंट्स को 25,000 रुपए तक महंगा कर दिया है। हुंडई मोटर इंडिया ने भी कीमतों में 1% तक का इजाफा किया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के कारण देश में हवाई ईंधन के दाम लगातार दूसरे महीने बढ़ा दिए गए हैं।








