डेस्क- प्रदर्शन पर बॉलीवुड से भी अब समर्थन मिलने लगा है. दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी छात्रों का समर्थन करने वाली सबसे मजबूत आवाज़ों में से एक बनकर उभरी हैं.
शबाना ने न केवल सोशल मीडिया पर पोस्ट किया बल्कि दिल्ली में ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ भी शामिल हुईं और कहा कि छात्रों को जवाबदेही की मांग करने का पूरा लोकतांत्रिक अधिकार है.
उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई की आलोचना की और सरकार से आग्रह किया कि वह असहमति को दबाने के बजाय युवाओं से बातचीत करें।
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नसीरुद्दीन शाह ने भी छात्रों के चल रहे विरोध-प्रदर्शन पर एक भावुक बयान दिया. उन्होंने छात्रों पर कथित तौर पर लाठीचार्ज करने वाले दिल्ली पुलिस के जवानो जवानों की तुलना अमेरिकी ICE एजेंटों से की.
विरोध-प्रदर्शन की तस्वीरों को देखकर दुख जताते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत दुख और गुस्सा है. साथ ही, उन्होंने छात्रों से अपना आंदोलन जारी रखने की अपील की और उन्हें अपना पूरा समर्थन देने का भरोसा दिलाया.
वहीं सलमान खान ने संतुलित बयान दिया. परीक्षा के पेपर लीक होने को छात्रों की कड़ी मेहनत के साथ धोखा बताते हुए उन्होंने कहा कि हर छात्र को “एक ऐसा सिस्टम मिलना चाहिए जो निष्पक्ष और पारदर्शी हो और मेरिट पर आधारित हो.” उन्होंने कहा कि वह “उन लोगों के साहस और दृढ़ संकल्प की तारीफ़ करते हैं जो शांतिपूर्ण ढंग से सार्थक सुधारों की मांग कर रहे हैं.”
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साथ ही सलमान ने प्रदर्शनकारियों को आगाह किया कि वे “ऐसे स्वार्थी लोगों से सावधान रहें जो उनके आंदोलन को हाईजैक करने और उसे उसके असली मकसद से भटकाने की कोशिश कर सकते हैं.”
अभिनेता आर माधवन ने भी सलमान की भावना को सपोर्ट किया. पेपर लीक पर निराशा जताते हुए उन्होंने कहा कि इससे उन अनगिनत छात्रों और परिवारों के सपने टूट जाते हैं जो शिक्षा को बेहतर भविष्य का रास्ता मानते हैं.
आलिया भट्ट ने भी छात्रों के समर्थन में एक भावुक नोट लिखा. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों ने उनका दिल तोड़ा, लेकिन फिर उम्मीद के साथ उसे जोड़ भी दिया.
प्रदर्शनकारियों को हिम्मत और मज़बूती की मिसाल बताते हुए आलिया ने कहा कि डटे हुए हर छात्र का मतलब है, “एक सपना, एक परिवार की उम्मीद और अनगिनत त्याग का त्याग का सफ़र.” उन्होंने आगे कहा कि छात्र सिर्फ अपने लिए नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि “अपने बाद आने वालों के लिए एक बेहतर रास्ता” भी बना रहे हैं.
सिंगर अरमान मलिक ने भी ऑनलाइन अपनी बात ज़ोरदार ढंग से रखी. उन्होंने कहा कि उनके लिए, “यह मामला अब सिर्फ़ छात्रों तक सीमित नहीं है. यह अब एक बड़ी बात बन गई है, जो हम सभी से पूछती है.
हम कैसा देश बनाना चाहते हैं? मुझे उम्मीद है कि हम इस मौके को ऐसे ही नहीं जाने देंगे; हम बेरुखी के बजाय हमदर्दी और बंटवारे के बजाय बातचीत का रास्ता चुनेंगे.
एक्टर और नेता कमल हासन ने भी खुलकर अपना समर्थन जताया. एक कड़े बयान में उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी देश के भविष्य की नींव होती है और पारदर्शिता की मांग करने वाले छात्रों को दुश्मन नहीं समझना चाहिए. उन्होंने एक्स पर लिखा, “जब एक बच्चा रोया था, तभी हमें उसकी बात सुन लेनी चाहिए थी.
इसके बजाय हमने तब तक इंतज़ार किया जब तक हमारे बहुत सारे बच्चे मर नहीं गए. ऐसा सिस्टम जिसमें सीखने की जगह कोचिंग ले ले, जिज्ञासा की जगह चिंता ले ले और काबिलियत की जगह अपराध ले ले, वह सिस्टम सड़ा हुआ है.








