डेस्क- संसद का मानसून सत्र दूसरे दिन मंगलवार को भी हंगामेदार रहा। विपक्ष के नारेबाजियों के बीच दोनों सदन दिनभर के लिए स्थगित कर दिए गए। इसके बाद सांसदों की गाड़ियां कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़ गईं।
जहां क्षेत्रीय दलों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत करनी शुरू कर दी। वहीं, छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी प्रधानमंत्री आवास के पास पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए धरना देने लगे।
क्षेत्रीय दलों के बड़े नेताओं का जमघट लगने की खबर मिलते ही जंतर-मंतर पर फिर से भीड़ धीरे-धीरे बढ़नी शुरू हो गई है। संसद मार्च वाले दिन सोमवार की तुलना में मंगलवार को सुरक्षा के बेहद कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।
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इस बीच संसद मार्ग, अशोक रोड, रायसीना मार्ग, टॉलस्टॉय मार्ग व जनपथ समेत सभी सड़कों पर कई स्तरीय मजबूत बैरिकेडिंग कर दी गई है। संसद की ओर बढ़ने वाले हर कदम को रोक दिया गया है। भीड़ को संदेश देने के लिए जगह-जगह लाउड स्पीकर भी लगा दिए गए हैं।
उपद्रव करके कानून को हाथ में न लेने की अनाउंसमेंट की जा रही है। पुलिस लगातार अनाउंस कर रही है कि धारा 163 लागू है। बाहर भीड़ न लगाएं और सड़कों पर नारेबाजी न करें।
साथ ही, कार्रवाई को लेकर लगातार चेतावनी दी जा रही है। कई सड़कों पर केवल सरकारी वाहनों को ही आने-जाने दिया जा रहा है, जिससे नई दिल्ली में सुबह से भीषण जाम लगा हुआ है।
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उधर, गाजीपुर बॉर्डर पुलिस की तैनाती कर दी गई है। नुकिली कीलों वाला टायर किलर भी लगाया गया है। कुछ ऐसा ही हाल दिल्ली की सीमा से सटे सभी बॉर्डर क्षेत्रों पर किया गया है ताकि प्रदर्शन में अराजक तत्वों को शामिल होने से रोका जा सके।








