पटना- तेजस्वी यादव ने भ्रष्टाचार, रिशु श्री मामले और सरकारी वित्तीय स्थिति को लेकर सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लंबे समय से सत्ता में रहने के बावजूद भ्रष्टाचार पर नियंत्रण नहीं हो सका है और कई गंभीर मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई.
तेजस्वी यादव ने रिशु श्री प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि एक मामूली ठेकेदार कथित तौर पर कई विभागों के टेंडर कैसे हासिल कर रहा था. उन्होंने दावा किया कि जांच से संरक्षण मिलने जैसी बातें सामने आई हैं और पूछा कि इस मामले में कथित बड़े जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई.
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य में लगातार घोटाले हो रहे हैं और भ्रष्टाचार के कारण सरकारी खजाने पर दबाव बढ़ा है. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन का दुरुपयोग हो रहा है, जबकि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही.
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तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि राज्य की जांच एजेंसियां भ्रष्टाचार के मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय दोषियों को बचाने का काम कर रही हैं. उनके अनुसार, बड़े मामलों में छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई होती है, लेकिन कथित रूप से प्रभावशाली लोगों तक जांच नहीं पहुंचती.
तेजस्वी यादव ने कहा कि अब तक सामने आए बड़े घोटालों में कथित रूप से प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ भ्रष्ट अधिकारियों का प्रभाव मुख्यमंत्री कार्यालय तक बना हुआ है और यही कारण है कि बड़े स्तर पर जवाबदेही तय नहीं हो रही.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि वे स्वतंत्र निर्णय लेने की स्थिति में नहीं हैं. उन्होंने राज्य सरकार की कार्यशैली और प्रशासनिक फैसलों को लेकर भी सवाल उठाए.
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तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकारी जमीन को बेहद कम दर पर लंबी अवधि की लीज पर दिया जा रहा है. उन्होंने बांस घाट स्थित शवदाह गृह और उससे जुड़े कर संबंधी मुद्दों का भी उल्लेख करते हुए सरकार से जवाब मांगा.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधते हुए उन्हें भ्रष्टाचार का “भीष्म पितामह” बताया. साथ ही उन्होंने सरकार के सामने 20 सवाल रखे और रिशु श्री मामले समेत विभिन्न कथित वित्तीय अनियमितताओं पर विस्तृत जवाब देने की मांग की.








