रांची- झारखंड आंदोलन के प्रमुख शिल्पकार शिबू सोरेन को मरणोपरांत देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में शामिल पद्मभूषण से सम्मानित किया जाएगा. 23 जून को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू यह सम्मान प्रदान करेंगी.
पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य के मुताबिक शिबू सोरेन की ओर से उनकी पत्नी रूपी सोरेन पुरस्कार ग्रहण करेंगी. हालांकि, उनकी तबीयत अच्छी नहीं है. इस अवसर पर झारखंड की राजनीति में सक्रिय उनकी बहू कल्पना सोरेन भी मौजूद रहेंगी.
शिबू सोरेन का निधन 4 अगस्त 2025 को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में हुआ था. उनके निधन के बाद झारखंड ही नहीं, बल्कि देशभर में आदिवासी अधिकारों और क्षेत्रीय अस्मिता की राजनीति के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत माना गया था. झारखंड के अलग राज्य के निर्माण की लड़ाई में शिबू सोरेन की भूमिका को निर्णायक माना जाता है. वह तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री भी रहे.
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उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत महाजनी प्रथा और शोषण के खिलाफ संघर्ष से की थी. टुंडी क्षेत्र में चलाए गए आंदोलनों ने उन्हें जननेता के रूप में पहचान दिलाई. बाद के वर्षों में उन्होंने अपना राजनीतिक आधार संथाल परगना में मजबूत किया और झारखंड आंदोलन को नई दिशा दी.








