डेस्क- NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने मास्टर माइंड को गिरफ्तार कर लिया है. जांच एजेंसी के अनुसार परीक्षा प्रक्रिया में शामिल रसायन विज्ञान के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी को इस पूरे रैकेट का किंगपिन माना जा रहा है.
सीबीआई ने बताया कि कुलकर्णी को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की ओर से परीक्षा प्रक्रिया के दौरान प्रश्नपत्रों तक पहुंच प्राप्त थी. जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में उन्होंने सह-आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से कुछ छात्रों को इकट्ठा किया और पुणे स्थित अपने आवास पर विशेष कोचिंग कक्षाएं आयोजित कीं. CBI का कहना है कि आरोपी ने परीक्षा से पहले ही छात्रों को सवाल और उनके जवाब याद करा दिए थे.
सीबीआई के मुताबिक, इन विशेष कक्षाओं के दौरान छात्रों को प्रश्न, विकल्प और सही उत्तर लिखवाए गए. छात्रों ने इन्हें अपनी नोटबुक में हाथ से नोट किया था.
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बाद में जांच में पाया गया कि ये प्रश्न 3 मई 2026 को आयोजित वास्तविक NEET-UG परीक्षा के प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खाते थे. जांच एजेंसी का कहना है कि इससे स्पष्ट होता है कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक कर दिया गया था.
सीबीआई के अनुसार, गुरुग्राम निवासी आरोपी यश यादव को 29 अप्रैल को टेलीग्राम ऐप के माध्यम से प्रश्नपत्रों की पीडीएफ फाइलें प्राप्त हुई थीं. इन फाइलों में भौतिकी (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry) और जीव विज्ञान (Biology) के प्रश्नपत्र शामिल थे. जांच एजेंसी ने इन फाइलों को बरामद कर लिया है.
बता दें कि मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी. हालांकि, प्रश्नपत्र लीक के आरोप सामने आने के बाद सरकार ने बीते मंगलवार (12 मई) को परीक्षा रद्द कर दी.
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