रांची- झामुमो ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा आरोप लगाया है. सुप्रियो भट्टाचार्य ने SIR को बीजेपी के लिए महामत्युंजय जाप करार दिया.
पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने गुरुवार को रांची में कहा कि मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया लोकतंत्र के साथ “भद्दा मजाक” है.
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा, “23 अप्रैल का दिन हिंदुस्तान के लोकतंत्र के लिए बड़ा दिन बनने वाला है. 1952 में पहला चुनाव हुआ तब सुकुमार सेन ने तमाम परेशानियों के बावजूद वोटर रोल के साथ चुनाव कराया था.
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लेकिन आज उसी बंगाल में इलेक्टोरल रोल को स्थगित कर चुनाव कराए जा रहे हैं.” उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की 152 सीटों पर करीब 14.5 लाख मतदाताओं को न्यायाधिकरण के समक्ष लटकाकर यह संदेश दिया गया है कि “तुम इस बार वोट नहीं दोगे, अगले बार दे देना”. यह लोकतंत्र की हत्या है.
झामुमो नेता ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अब चुनाव आयोग और भाजपा का ‘महामृत्युंजय मंत्र’ बन गया है. पहले मतदाता सूची में केवल तीन फॉर्म होते थे फॉर्म-6 (नया नाम जोड़ने के लिए), फॉर्म-7 (मृत या स्थानांतरित नाम काटने के लिए) और फॉर्म-8 (नाम सुधार के लिए). लेकिन अब आयोग “निराला खेल” खेल रहा है.
उन्होंने बताया कि झारखंड में भी SIR के नाम पर 12.5 लाख नाम काटे जा चुके हैं. भट्टाचार्य ने चेतावनी दी, “चुनाव आयोग गंदा खेल खेल रहा है, लेकिन हम तैयार हैं. झारखंड में SIR के नाम पर कोई गड़बड़ी नहीं होने देंगे.”
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सुप्रियो भट्टाचार्य ने पूछा, “मकानों की गिनती क्यों हो रही है? इसके पीछे का रहस्य क्या है? रिटायर हर पेशे में होते हैं, किरायेदार को कैसे पता चलेगा कि उसका होल्डिंग नंबर क्या है?”
झामुमो नेता ने कहा कि पहली बार बंगाल की विधानसभा लड़ाई राजनीतिक दलों के बीच नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ दल और चुनाव आयोग के बीच हो रही है. मतदान के दिन मोटरसाइकिल और स्कूटर पर सिंगल राइडर की अनुमति पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने इसे “फासीवाद” करार दिया.








