डेस्क- टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर कहा कि उनको जाना है तो जाना है।
अगर नहीं जाते हैं तो हम जानते हैं कि उनको कैसे नीचे उतारना है। महुआ ने कहा, ‘ज्ञानेश कुमार एक अपराधी हैं और उन पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।’
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर इस मामले को लेकर प्रदर्शन पर महुआ मोइत्रा ने कहा, ‘पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को रोका जा रहा है। मगर यह सरकार और अमित शाह हर एक प्रदर्शनकारी को नहीं रोक सकते हैं। पहले भी नहीं रोक पाए।
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हमारी मांग है कि देश में लोकतंत्र बहाल होना चाहिए। ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए और SIR की प्रक्रिया को रोक देना चाहिए। जनवरी 2025 की वोटर लिस्ट को फिर से लागू कर देना चाहिए।’
इस बीच, जंतर-मंतर से प्रदर्शनकारियों को पुलिस की ओर से हिरासत में लिए जाने की खबर है। महुआ मोइत्रा ने गुरुवार को संसद मार्ग थाने में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
यह शिकायत उन खबरों के आधार पर की गई, जिनमें कहा गया कि मतदाता सूची के SIR की प्रक्रिया के दौरान 2 निर्वाचन आयुक्तों ने चुनाव आयोग के कई फैसलों पर आपत्ति जताई थी।
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तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट की लोकसभा सदस्य मोइत्रा थाने पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की है।
शिकायत में महुआ मोइत्रा ने द इंडियन एक्सप्रेस की उस खबर का जिक्र किया, जिसके मुताबिक निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और निर्वाचन आयुक्त विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में निर्वाचन आयोग के फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी।
इन फैसलों और आदेशों में मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने के साथ-साथ मतदाता रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में बदलाव भी शामिल थे।
मोइत्रा ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पास अपने दोनों सहयोगियों की दर्ज राय के खिलाफ आयोग की ओर से कोई भी कदम उठाने का अधिकार नहीं है, और न ही उनके पास आयोग के नाम से ऐसे संदेश जारी करने का कोई अधिकार है जिन्हें आयोग ने कभी मंजूरी न दी हो।








