पटना- ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल जारी है. शुक्रवार को पटना से लेकर लखनऊ और चंडीगढ़ तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीईसी के खिलाफ प्रदर्शन किया.
वोट चोरी बंद करो के नारों के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने, एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग की.
पटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आर. ब्लॉक और चाणक्य होटल होते हुए राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च किया। विधानसभा के पास प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद प्रशासन की ओर से वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।
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प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हाथों में बैनर और पोस्टर दिखाई दिए, जिन पर चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लिखे थे। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
दरअसल, हाल में सामने आई एक रिपोर्ट में चुनाव आयोग के भीतर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू एवं विवेक जोशी के बीच कथित मतभेदों का जिक्र किया गया है।
एक समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों के दौरान कम-से-कम 14 बार विभिन्न फैसलों और प्रक्रियाओं पर लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं।
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इन आपत्तियों का संबंध मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और बहाल करने, फॉर्म-6 में बदलाव तथा मतदाता डेटा से जुड़े मामलों से था।
रिपोर्ट के मुताबिक, इन आपत्तियों की जानकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भी दी गई थी। इसके बाद 9 सितंबर को चार महीने के अंतराल के बाद तीनों चुनाव आयुक्तों की पूर्ण बैठक हुई। हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।
वहीं, चुनाव आयोग के सूत्रों ने इन रिपोर्टों के बाद कहा कि आयोग के सभी फैसले, जिसमें विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) भी शामिल है, तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए और निर्णय सर्वसम्मति से हुए। कांग्रेस का विरोध इसी पूरे विवाद और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को लेकर है।








