डेस्क- रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे दिल्ली में बड़ा हादसा हो गया जिसमे एक पांच मंजिला बिल्डिंग जमींदोज हो गयी. इस बिल्डिंग में छात्र रहते थे जो ज्यादातर बाहर से यहां पढ़ने आये थे.
इस हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। 12 लोगों को बचाया गया है। इनमें 5 की हालत गंभीर है। रेस्क्यू ऑपरेश पूरा हो चुका है। रविवार दोपहर दो बजे से सोमवार शाम 4:30 बजे तक लगभग 27 घंटे तक दिल्ली हॉस्टल हादसे में रेस्क्यू ऑपरेशन चला।
इस मामले में पुलिस ने हॉस्टल के मालिक हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था।
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सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास बसा प्रमुख छात्र इलाका है। यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और हॉस्टल में रहते हैं। इलाके में कई हॉस्टल हैं। इनके आसपास ही दिल्ली यूनिवर्सिटी के वेंकटेश्वर कॉलेज, आर्यभट्ट, मोतीलाल नेहरू और मैत्रेयी कॉलेज हैं।
इसी वजह से यहां दिनभर छात्रों की आवाजाही रहती है। हालांकि, सत्य निकेतन में कुल कितने छात्र रहते हैं, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक सत्य निकेतन के आस-पास की सभी जर्जर इमारतों पर नोटिस लगा दिए गए हैं। मालिकों से कहा गया है कि वे इन्हें खुद ही गिराएं वरना MCD खुद तोड़ेगी और खर्च मालिक से वसूला जाएगा।
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इस बीच दिल्ली हॉस्टल मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- हादसे के लिए दिल्ली नगर निगम और दिल्ली यूनिवर्सिटी दोनों जिम्मेदार हैं।
कोर्ट ने कहा कि बाहर से पढ़ने आने वाले छात्रों के हॉस्टलों की हालत बेहद दयनीय और खराब है। सरकार जिम्मेदारी से नहीं बच सकती है। अदालत ने एमसीडी (MCD), दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, एनएचआरसी (NHRC) और दिल्ली विश्वविद्यालय को 10 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
राहुल गांधी ने सोमवार को X पर लिखा कि हर बार BJP सरकार का वही शर्मनाक पैटर्न – हादसों से पहले रोकथाम नहीं, उनके बाद बयानबाजी होती है, कुछ छोटे अफसरों पर जिम्मेदारी मढ़ दी जाती है, और असली गुनहगार जवाबदेही मुक्त रहते हैं।








